बारिश से क्षतिग्रस्त परिसम्पितयों की मरम्मत के लिए तीन दिन में रिपोर्ट भेजने के निर्देश


बीकानेर । जिला कलेक्टर कुमार पाल गौतम ने कहा है कि बारिश के कारण क्षतिग्रस्त हुई परिसम्पतियों के अस्थाई मरम्मत व पुनर्स्थापनना के लिए जिले के समस्त उपखंड अधिकारियों व तहसीलदारों को तीन दिन में तकमीना मय रिपोर्ट भिजवाने के निर्देश दिए।

गौतम ने कहा कि आपदा प्रबंधन विभाग के निर्देशानुसार यदि किसी स्थान पर एक दिन में 90 एमएम से अधिक बारिश होने पर वर्षा से हुए नुकसान का मुआवजा दिया जा सकता है। बीकानेर में 92 एमएम वर्षा दर्ज की गई है। अत्यधिक वर्षा से क्षतिग्रस्त सड़कों, बांध, नहरों एवं पुलों आदि की अस्थाई मरम्मत का काम किया जाना है। जिला कलक्टर ने बताया कि इस सम्बंध में समस्त अधिकारियों व विभागों को रिपोर्ट भिजवाने के निर्देश दिए गए हैं ताकि आमजन को परेशानी का सामना नहीं करना पडे़।

मौका मुआयना करने निकले कलक्टर
गुरुवार शाम को हुई बरसात के बाद शहर के विभिन्न क्षेत्रों में पानी एकत्रित हो जाने के कारण यातायात बाधित होने या अन्य किसी भी दुर्घटना की संभावना तो नहीं है इन सभी बातों को जायजा लेने के लिए जिला कलक्टर शुक्रवार को कुमार पाल गौतम ने आयुक्त नगर निगम के साथ पूरे शहर का भ्रमण कर संपूर्ण व्यवस्थाओं को देखा और आवश्यक कार्य करने के निर्देश दिए। बरसात के पानी के तेज बहाव के कारण सूरसागर की दीवार टूटने के सम्बंध में जिला कलक्टर ने आयुक्त नगर निगम को निर्देश दिए कि दीवार को ठीक करने के साथ-साथ अन्य एजेंसी का सहयोग लेकर सूरसागर में जो पानी एकत्रित हो गया है इसे निकाला जाए। उन्होंने कहा कि पानी शीघ्र ही निकल जाए। इसके लिए नगर विकास न्यास तथा इंदिरा गांधी नहर परियोजना के अभियंताओं के साथ मिलकर पानी निकालने के लिए कार्य योजना बनाकर शीघ्र ही काम शुरू करे। जिला कलेक्टर ने नगर निगम कार्यालय के बाहर पानी की निकासी के प्रबंध करने की बात कही। उन्होंने सादुल स्पोर्ट्स स्कूल के बाहर तथा पुलिस लाइन के आसपास का निरीक्षण कर पानी की स्थिति का जायजा लिया।
जिला कलक्टर ने गंगाशहर क्षेत्र का निरीक्षण के दौरान देखा कि बाजार में जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग द्वारा गत दिनों जो पाइप लाइन डाली गई थी उससे कारण सड़क क्षतिग्रस्त हो रखी है इससे आम लोगों को आने जाने में पेरशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने आयुक्त नगर निगम को निर्देश दिए कि वर्षा के मौसम को देखते हुए पाइप लाइन डालने के दौरान जितनी सड़क तोड़ी गई है और इस कारण गड्डे हो गए हैं इन सबको शुक्रवार को ही मिट्टी तथा गिट्टी डालकर भरा जाएं ताकि यहां किसी तरह की दुर्घटना ना हो। उन्होंने कहा कि सड़क का कार्य शुक्रवार दोपहर के बाद प्रारंभ हो जाना चाहिए तथा कार्य प्रारंभ होने पर इसके वीडियो और फोटो बना कर भेजे जाएं।
निर्माणाधीन कार्यो पर सुरक्षा के हो बंदोबस्त
जिला कलक्टर ने कहा कि बरसात के कारण सड़कों के विभिन्न हिस्सों में पानी एकत्रित हो जाने के कारण आमजन को किसी तरह की दिक्कत ना हो, इसे ध्यान में रखते हुए सार्वजनिक निर्माण विभाग आरयूआईडीपी, नगर निगम तथा नगर विकास न्यास के जिन-जिन स्थानों पर पाइप लाइन मरम्मत, सड़क निर्माण सहित अन्य कार्य चल रहे हैं, वहां सुरक्षा के सभी बंदोबस्त किए जाएं, जिससे किसी तरह की दुर्घटना ना हो। इसके लिए बैरिकेडिंग आदि लगे, साथ ही रात के समय प्रकाश की समुचित व्यवस्था होनी चाहिए।
पांच वरिष्ठ अधिकारी रखेंगे नजर
अत्यधिक वर्षा के कारण शहर व आसपास के क्षेत्रों में जलभराव के कारण किसी भी प्रकार की जन हानि को रोकने के लिए इन क्षेत्रों में पर्यवेक्षण कर आवश्यकतानुसार समुचित पानी की निकासी करवाने के लिए भारतीय प्रशासनिक सेवा के प्रशिक्षु अधिकारी अभिषेक सुराणा सहित पांच अधिकारियों को नियुक्त किया है। जिला कलक्टर ने बताया कि सुराणा को कलेक्ट्रेट कैंपस, उप महानिरीक्षक पंजीयन व मुद्रांक बीकानेर ऋषिबाला श्रीमाली को नयाशहर थाना व कोटगेट थाना क्षेत्र, उपनिदेशक महिला एवं बाल विकास शारदा चैधरी को कोतवाली थाना व गंगाशहर थाना, सहायक आयुक्त उपनिवेशन मोनिका बलारा को सदर थाना, बीछवाल थाना व जेएनवीसी थाना, उपखंड अधिकारी बीकानेर कैलाश चंद को समस्त शहरी क्षेत्र में आवश्यक कार्यवाही के लिए ड्यूटी लगाई गई है। जिला कलक्टर ने कहा कि  सभी उपखंड अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में जायजा लेकर स्थिति पर नजर बनाते हुए सम्पूर्ण व्यवस्थाएं पुख्ता करेंगे।
चांदमल बाग के पास के ट्रीटमेंट प्लांट को देखा
जिला कलेक्टर कुमार पाल गौतम ने गंगा शहर में चांदमल बाग के आगे सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के निर्माण कार्य को भी देखा। यह कार्य नगर निगम द्वारा अमृत योजना के तहत किया जा रहा है। ट्रीटमेंट प्लांट के तहत 127 किलोमीटर लंबी पाइप लाइन डाली जाएगी। जिससे पानी ट्रीटमंेट प्लांट में पहुंचेगा जिसे रिसाइकल कर खेती योग्य बनाया जाएगा। इस पूरे प्रोजेक्ट पर 139 करोड़ रुपए की लागत आएगी। इस कार्य को पूर्ण गुणवत्ता और समय पर पूरा करने आने के लिए उन्होंने आयुक्त निगम को निर्देश दिए साथ ही यह भी कहा कि यहां सीवरेज निर्माण कार्यों पर भी सुरक्षा के सभी बंदोबस्त पुख्ता होने चाहिए।