रमक-झमक देगा निः शुल्क पाटी,घोटा और खड़ाऊ ।
बीकानेर । पुष्करणा सावा का सर्वत्र यग्योपवित कार्यक्रम के हाथकाम 28 फरवरी को होंगे लेकिन सावा में जिन घर परिवार में शादियां होनी है वो अधिक व्यस्त होंगे और उनके घरों मे बटुकों के यग्योपवित संस्कार भी किये जाने है इसलिये पंडितों ने सावा से पहले भी कई मुहूर्त दिए है ।रमक-झमक के अध्यक्ष प्रहलाद ओझा’भैरु’ बताते है कि सावा तक 250 से अधिक यग्योपवित संस्कार होने की उम्मीद है । इन बटुको को रमक-झमक की और से आध्यत्मिक सामाजिक व् काशी पढ़ने के लिए दौड़ने की रस्म में काम आने वाले पाटी, घोटा,गेडिया, बटुआ व् खड़ाऊ निः शुल्क उपलब्ध करवाए जाएंगे । जिनकी शादी सावा ओलिम्पिक में तय हो गई है उनकी भी पहले यग्योपवित होगी ,बाद में शादी की रस्मे होगी । शहर में आज (22 फरवरी ) करीब 120 से अधिक यग्योपवित होंगे । रमक-झमक की ओर से शनिवार शाम तक 114 को यग्योपवित बटुको को निःशुल्क सामग्री उपलब्ध करवाई गई । ओझा ने बताया कि सावा तक जिनकी भी यग्योपवित होगी चाहे वो एकल हो या सामूहिक ,कोई भी कुंम कुंम पत्रिका जमा करवाकर शाम 7 से 9 के बीच रमक-झमक कार्यालय बारह गुवाड़ से निः शुल्क सामग्री प्राप्त कर सकता है । राधे ओझा ने बताया कि रमक-झमक मंच पर साफा व् पाग बांधने की सेवा भी शुरू करदी गई है दिलीप रंगा व् बी आर पुरोहित 7 से 9 सेवाए देंगे । आगामी दिनों में पंडित भी लग्न भरने, टेवा बनाने की सेवाएं नियमिय शुरू करेंगे ।

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