चूरू, जितेश सोनी । धर्मसम्राट स्वामी करपात्री जी महाराज के परम शिष्य ब्रह्म्लीन स्वामी शिवानंद महाराज से शिक्षा-दीक्षा ग्रहण कर भारतीय संस्कृति-संस्कार-सभ्यता और देववाणी संस्कृत का अमेरीका और कनाडा में प्रचार प्रसार करने वाले अध्यात्म गुरू विरेन्द्र मिश्र शास्त्री तथा इनकी अद्र्धांगिनी गुरूमाता सुमन मिश्र ने स्थानीय जे.के भवन में आयोजित एक सादे समारोह में बताया कि आज भी अप्रवासी भारतीय अपनी पूर्वजों की जन्मभूमि से हार्दिक लगाव रखते हैं। इस अवसर पर शिक्षाविद् संगमानंद की सुपुत्री लिम्का बुक आॅफ रिकार्डधारी किरण जाड़ीवाल द्वारा चित्रित एवं बेटी बचाओ-बेटी पढाओ के संदेश देने वाले कलात्मक पोस्टकार्डाें की मुक्तकंठ से प्रशंसा करते हुये इस अभियान को अमेरीका में भी चलाने का आश्वासन दिया।

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