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हैलो बीकानेर। राजस्थान न्यायिक कर्मचारी संघ के सचिव जहांगीर हुसैन तंवर ने सूचना दी कि कर्मचारियों के इस प्रान्तव्यापी महासम्मेलन में विभिन्न कर्मचारी संगठनों व अधिवक्तागण द्वारा अपना समर्थन देने का कार्यक्रम सतत् चालू रहा है। इस परिप्रेक्ष्य में उन्होंने अवगत कराया कि अखिल भारतीय न्यायिक कर्मचारी संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष डाॅ. शकील अहमद मोईन के साथ नत्थूसिंह तंवर, प्रदेशाध्यक्ष, राजस्थान न्यायिक कर्मचारी संघ व देहली न्यायिक कर्मचारी संघ के प्रदेशाध्याक्ष नरेश चैहान अपने प्रदेश के पदाधिकारियों के साथ आन्दोलन को दशा-दिशा प्रदत्त करेंगे और प्रान्तीय प्रतिनिधि व जिलाध्यक्ष भी शिरकत करेंगे। इसके अतिरिक्त अन्य प्रान्तों से कई संगठन व राज्य कर्मचारी संगठन के अनेक पदाधिकारीगण भी प्रान्तव्यापी महासम्मेलन में सम्मिलित रहेंगे। पिछले करीब एक पखवाड़े से चल रहे न्यायिक कर्मियों के आन्दोलन के भावी स्वरूप व रणनीति भी निर्धारित करेंगे। राज. न्यायिक कर्मचारी संघ के प्रान्तीय संरक्षक गिरीराज बिस्सा, प्रान्तीय उपाध्यक्ष सुमेर सिंह व प्रान्तीय प्रतिनिधि अविनाश आचार्य ने इस संदर्भ में विस्तृत प्रकाश डालते हुए बताया कि डाॅ. शकील अहमद मोईन, राष्ट्रीय अध्यक्ष, अखिल भारतीय न्यायिक कर्मचारी फेडरेशन, माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेश की अनुपालना में दो वरिष्ठ न्यायाधिपतियों द्वारा शेट्टी आयोग की अनुशंषा को अनुमोदन करने के उपरान्त भी न्यायिक कर्मचारियों को उनका न्यायसंगत हक प्राप्त नहीं होने से आगामी रणनीति पर कर्मचारियों को उद्बोधित करेंगे। इस प्रान्तीय महाकुम्भ में राजस्थान के प्रत्येक जिले से पदाधिकारी दल बल सहित शिरकत करेंगे।
आन्दोलन के जिला संयोजक प्रकाश मोदी ने न्यायिक कर्मचारियों के अविस्मरणीय महासम्मेलन में प्रत्येक कर्मचारी को अपनी आहूति देने का संकल्प दिलवाया साथ ही गठित विभिन्न कर्मचारियों की कमेटियां को उनके जिम्मे कार्यभार सुपुर्द कर इस महाकुम्भ को सफलतम बनाने का मार्गदर्शन देकर प्रोत्साहित किया।
धरनास्थल पर उपस्थित दाऊ व्यास, भोजराज, महेश रामावत, मन्जूर अली, गोपाल जोशी, किसन स्वामी, चन्द्र प्रकाश, रश्मि विजय, सुरेश सोढ़ा, नरेन्द्र मोदी, मनमीत खत्री, गणेश थानवी, नंदकिशोर, कमल पारख, राधाकिशन किराड़ू, विकास, सुरेन्द्र बिट्ठु, रामानुज, राजेश गिरधर, कैलाश जोशी, पूर्णिमा, संगीता व्यास, पूनमचंद नायक, ओमप्रकाश रंगा, कपिल ओझा, किसन व्यास, कपिल हाड़ा, संतोष, शफी मोहम्मद व मदनलाल नाई इत्यादि न्यायिक कर्मचारियों ने माननीय उच्च न्यायालय प्रशासन व राज्य सरकार की कर्मचारियों के प्रति कुटिल नीतियों का प्रतिरोध किया। आन्दोलन का संचालन करते हुए रमेश व्यास व रामकुमार हर्ष ने विचार प्रकट किया कि आन्दोलन को आखिरी अंजाम तक ले जाने हेतु कर्मचारी हर सूरत में सरकार व उच्च न्यायालय प्रशासन से दो दो हाथ करने के लिए आतुर है। उपस्थित वक्ताओं ने अपने सम्बोधन में कहा कि कर्मचारियों द्वारा माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के वर्चस्व को कायम रखने के सद्भाविक व शांतिपूर्वक तरीके से किए जा रहे आन्दोलन को राज्य सरकार व उच्च न्यायालय प्रशासन दोनों ही एकदम ढीठ होकर सामन्तवादी कुनीतियां अपनाकर इसे कुचलने का प्रयास कर रहे हैं, जिसे राज्य का न्यायिक कर्मचारी कदापि बर्दाश्त नहीं करेगा। आज संपूर्ण प्रदेश के न्यायालय परिसरों में सन्नाटा छा गया है और अनेक प्रकरणों से संबंधित पत्रावलियां फैसलों के इन्तजार में आलमारी रूपी हवालात में कैद होकर अपनी आजादी की बाट संजोए हुए न्यायिक कर्मचारियों की राह देख रही है। हिन्दुस्तान की शीर्ष अदालत के आदेश की यथावत् अनुपालना होने तक आन्दोलन अनवरत् जारी रहेगा।

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