12वीं वर्ल्ड एजूकेशन सम्मिट में खैरीवाल ने किया राजस्थान का प्रतिनिधित्व

लर्निंग बाई डूंईग ही एकमात्र विकल्प

हैलो बीकानेर न्यूज़। नई दिल्ली में 9-10 अगस्त 2018 को होटल दी लीला एंबाईस कन्वेंशन में आयोजित हुई 12वीं वर्ल्ड एजूकेशन सम्मिट में दूसरे दिन अंतिम सत्र में बीकानेर के गिरिराज खैरीवाल ने राजस्थान राज्य का प्रतिनिधित्व करते हुए शिक्षा में नवाचार और शिक्षा में नवीन आयामों के माध्यम से मिसाल प्रस्तुत करने के विषय पर संबोधित करते हुए कहा कि ‘लर्निंग बाई डूंइग’ पद्धति ही वर्तमान तकनीकी युग में शिक्षा को सरस-सार्थक बनाने का एकमात्र विकल्प है। खैरीवाल ने विभिन्न उद्धरण बताते हुए संस्कृति और संस्कारों को बचाने के लिए शिक्षा को सुरुचिपूर्ण और रोचक बनाने की सलाह भी दी।
इस दो दिवसीय सम्मिट में उत्तराखंड के उच्च शिक्षा मंत्री धनसिंह रावत, नागालैंड के तकनीकी एवं उच्च शिक्षा मंत्री तेमजन इम्ना अलॉंग, वेनेजुएला के राजदूत अॉगस्टो मॉंटियल, गुजरात सरकार की उच्च एवं तकनीकी शिक्षा की प्रिंसिपल सचिव अंजू शर्मा, मिनिस्ट्री ऑफ स्किल डवलपमेंट एंड एंटरप्रेन्योरशीप, भारत सरकार के डायरेक्टर जनरल (ट्रेनिंग) राजेश अग्रवाल, केंद्रीय विद्यालय संगठन के अतिरिक्त कमिश्नर यू एन खावरे, एआईसीटीई, भारत सरकार के निदेशक डॉक्टर मनप्रीत सिंह माना, जी लर्न लिमिटेड, नोएडा की रिजनल स्कूल निदेशक निधि निजवाह, शेमरोक एंड शेमफोर्ड ग्रुप अॉफ स्कूल्स के प्रबंध निदेशक अमोल अरोड़ा, रेयान       इंटरनेशनल एजूकेशन ग्रुप के सी ई ओ रेयान पींटो, निम्स इंटरनेशनल स्कूल की प्रिंसिपल रीटा झा, बिरला पब्लिक स्कूल के प्रिंसिपल ए पी शर्मा, मालवा सीबीएसई सहोदया, पंजाब के निदेशक डॉ संजय चुघ सहित अनेक शिक्षाविदों ने विभिन्न सत्रों में शैक्षणिक चिंतन मनन करते हुए अपने अपने विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर देश के कोने कोने से शिक्षाविद सम्मिलित हुए। अनेक शिक्षाविद विदेशों से भी इस सम्मिट में शामिल होने के लिए पहुंचे। डिजिटल लर्निंग मैग्जीन के प्रमुख संपादक और ईलेट्स टेक्नोमीडिया के सीईओ रवि गुप्ता ने आयोजन के उद्देश्यों के संबंध में जानकारी देते हुए सभी का अभिनंदन किया और आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर डिजिटल लर्निंग के 150 वें अंक का लोकार्पण किया गया।
इस अवसर पर शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, स्किल डवलपमेंट इत्यादि क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाले शिक्षाविदों, शिक्षकों, कॉर्पोरेटस, आदि का सम्मान मोमेंटो और अभिनंदन पत्र भेंट कर किया गया।