Websity
वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से ‘राजविकास‘ की तीसरी बैठक 
सक्रियता और संवेदनशीलता बरतें अधिकारी,निचले स्तर पर ही दूर करें आमजन की शिकायतें – मुख्यमंत्री
जयपुर/श्रीगंगानगर । मुख्यमंत्री श्रीमती वसुन्धरा राजे ने कहा कि अधिकारी आमजन के अभाव अभियोगों को दूर करने के लिए सक्रिय रहकर संवेदनशीलता से काम करें ताकि उनकी शिकायतों का निचले स्तर पर ही समाधान हो सके। उन्होंने कहा कि प्रदेश में विकास कार्यों के लिए भूमि आवंटन और महत्त्वपूर्ण परियोजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन में जिला कलक्टर विशेष ध्यान दें और साप्ताहिक समीक्षा करें। श्रीमती राजे बुधवार को मुख्यमंत्रा कार्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए विभिन्न विभागों के अतिरिक्त मुख्य सचिवों, प्रमुख शासन सचिवों, शासन सचिवों एवं जिला कलक्टरों के साथ राजविकास की तीसरी बैठक को सम्बोधित कर रही थीं। मुख्यमंत्रा ने अतिरिक्त मुख्य सचिव राजस्व श्री खेमराज से राजस्व विभाग में जनअभाव अभियोग प्रकरणों के निस्तारण एवं पेंडेंसी के बारे में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि अतिक्रमण से सम्बन्धित शिकायतों और तहसीलदार स्तर पर बकाया प्रकरणों के निस्तारण के लिए जिला कलक्टर स्वयं निगरानी करें और पेंडेंसी कम करें।
                            श्रीगंगानगर जिले में मिनी सचिवालय को लेकर मुख्यमंत्री श्रीमती राजे ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान संबंधित अधिकारियों को शीघ्र कार्रवाई करने के निर्देश दिए। जिले में मिनी सचिवालय को लेकर मुख्यमंत्रा ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जिला कलक्टर श्री ज्ञानाराम से पूरी जानकारी ली। जिला कलक्टर ने बताया कि मिनी सचिवालय को लेकर तीन बैठकें जयपुर में हो चुकी है जिसमें से एक बैठक मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई है। मिनी सचिवालय को सेल्फ फाइनेंस के आधार पर बनाने की रूपरेखा तैयार की गई है। मिनी सचिवालय को लेकर करीब 156 करोड़ की लागत आने की संभावना है इस राशि को जिला परिषद इत्यादि विभिन्न जगहों का ऑक्शन कर जुटा लिया जाएगा। वर्तमान में चल रहे कलेक्ट्रेट की जगह पर सेंट्रल जेल पास होने के कारण यहां हाई राइज बिल्डिंग नहीं बन पाएंगी। लिहाजा इस जमीन पर पार्क इत्यादि डवलप किया जाएगा जिला कलक्टर ने बताया कि मिनी सचिवालय में शहर के विभिन्न इलाकों में अभी संचालित हो रहे 36 विभिन्न कार्यालयों को शिफ्ट किया जाएगा। ज्यूडिशियल बिल्डिंग भी मिनी सचिवालय में प्रस्तावित है। साथ ही मिनी सचिवालय के पास ग्रुप हाउसिंग से भी पैसा जुटाया जाएगा। जिला कलक्टर ने बताया कि शुगर मिल की जमीन जिला कलक्टर को और जिला कलक्टर इस जमीन को यूआईटी को एमओयू के साथ ट्रांसफर करेंगे। यूआईटी के द्वारा जमीन का विक्रय और विकास के कार्य करवाए जाएंगे। फिर पीडब्ल्यूडी या आरआएसआडीसी दोनों में से किसी एक एजेंसी के जरिए इसका निर्माण करवाया जाना प्रस्तावित है।
                     श्रीमती राजे ने फलौदी निवासी श्री बंशीलाल के मनरेगा भुगतान में देरी के प्रकरण की समीक्षा की और परिवादी बंशीलाल से स्वयं बात कर शिकायत के निस्तारण की जानकारी ली। बैठक में बताया गया कि मनरेगा के 92 प्रतिशत मस्टर रोल के भुगतान समय पर होने लगे हैं। मुख्यमंत्रा ने 100 प्रतिशत मनरेगा भुगतान निर्धारित समय सीमा में करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि खण्ड विकास अधिकारी के स्तर पर भुगतान सम्बन्धी नियमों की स्पष्टता नहीं होने पर जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी को हस्तक्षेप कर तय समय सीमा में भुगतान सुनिश्चित करने चाहिए। उन्होंने अतिरिक्त मुख्य सचिव ग्रामीण विकास श्री सुदर्शन सेठी को निर्देश दिए कि भुगतान के ऐसे बकाया प्रकरणों को चिन्हित करवाकर उनके निस्तारण एक माह में करवाए जाएं।
मुख्यमंत्री ने दौसा जिले के श्री ग्यारसी लाल की अतिक्रमण सम्बन्धी शिकायत पर कार्रवाई में देरी पर कहा कि सभी कलक्टर सार्वजनिक भूमि पर अतिक्रमण के मामलों में प्रभावी पर्यवेक्षण करें। उन्होंने कहा कि शिकायतों पर बिना ध्यान दिए उन्हें दबाये रखने अथवा दूसरे कार्यालय में भेज देने की प्रवृत्ति बर्दाश्त नहीं की जाएगी और ऐसा करने वाले अधिकारी/कर्मचारियों से सख्ती से निपटा जाएगा।
श्रीमती राजे ने अजमेर के जेठाना गांव में प्रस्तावित बायपास की प्रगति की समीक्षा करते हुए कहा कि अधिग्रहीत भूमि के एवज में मुआवजा शीघ्र वितरित करवाएं और बायपास का निर्माण जून-2018 तक पूरा करें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंचाई, सार्वजनिक निर्माण, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी जैसे विभागों की बड़ी परियोजनाएं समय पर पूरी हो सकें इसके लिए टेण्डर प्रक्रिया एवं विभिन्न स्वीकृतियां प्राप्त करने में लगने वाले अनावश्यक समय को कम करने की जरूरत है। उन्होंने इसके लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में सम्बन्धित विभागों की एक संयुक्त समिति के गठन के निर्देश दिए। उन्होंने राज्य की विकास सम्बन्धी बड़ी परियोजनाओं और 10 वर्ष से पुराने प्रोजेक्टस की नियमित निगरानी के लिए प्रभारी मंत्रियों एवं प्रभारी सचिवों को इन परियोजनाओं का मेंटर बनाने का सुझाव दिया ताकि इनकी साप्ताहिक समीक्षा की जा सके।
श्रीमती राजे ने पोकरण-फलसूण्ड-बालोतरा-सिवाना जल प्रदाय परियोजना तथा चम्बल-सवाई माधोपुर-नादौती जल प्रदाय परियोजना की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि लम्बे समय से अटकी पोकरण-सिवाना परियोजना, राजस्थान रिफाइनरी कम पेट्रो केमिकल कॉम्पलेक्स तथा क्षेत्रा के लोगों के लिए महत्त्वपूर्ण परियोजना है इसलिए इसके काम में तेजी लाते हुए इसे सितम्बर-2018 तक पूरा करें।
मुख्यमंत्री ने अनुसूचित जाति वर्ग के छात्रा/छात्राओं के लिए दौसा, खण्डार, नोहर, शाहपुरा, जगतपुरा तथा जमवारामगढ़ में समाज कल्याण विभाग की ओर से बनने वाले छात्रावासों और शिक्षा विभाग के लम्बित शारदे छात्रावासों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि छात्रावासों में जन भागीदारी तथा स्वयंसेवी संस्थाओं के सहयोग से खेल, इंटरनेट, कम्प्यूटर, सेनेटरी नेपकिन, वाटर कूलर, आरओ जैसी सुविधाएं जुटाई जा सकती हैं।
श्रीमती राजे ने राज्यभर में चल रहे लैण्ड रिकॉर्ड मॉडर्नाइजेशन प्रोगाम के तहत किए जा रहे विभिन्न कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि यह एक बहुत महत्त्वपूर्ण प्रोगाम है जिससे राजस्व सम्बन्धी कार्य आसान होंगे। उन्होंने अलवर में निर्माणाधीन मिनी सचिवालय भवन  के बारे में भी जरूरी दिशा निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने अतिवृष्टि प्रभावित जिलों सिरोही, जालोर, बाड़मेर तथा पाली के जिला कलक्टरों से राहत कार्यों और वर्तमान स्थिति की जानकारी भी ली। उन्होंने कहा कि सभी जिलों के अतिवृष्टि प्रभावित क्षेत्रों में मौसमी बीमारियों की रोकथाम के पर्याप्त इंतजाम रखे जाएं।
वीडियो कॉन्फ्रेंस के दौरान मुख्य सचिव श्री अशोक जैन, अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त श्री डीबी गुप्ता, प्रमुख सचिव सूचना एवं प्रौद्योगिकी श्री अखिल अरोरा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।