जयपुर,। ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री श्री राजेन्द्र राठौड़ ने कहा कि 14 अप्रेल से 20 जुलाई, 2017 तक प्रदेश में पंचायती राज विभाग द्वारा संचालित पं. दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण पट्टा अभियान में 7 लाख 17 हजार 369 ग्रामीण क्षेत्र में आवासीय पट्टे दिये गये।

राठौड़ सोमवार को शासन सचिवालय में पंचायती राज विभाग के सभागार में मिडिया को जानकारी दे रहे थे। उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान प्रति सप्ताह सोमवार एवं गुरूवार को ग्राम पंचायत मुख्यालय पर शिविर आयोजि कर पट्टे जारी किये गये।

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उन्होंने बताया कि राजस्थान पंचायती राज अधिनियम, 1996 में संशोधन कर 31 दिसम्बर, 2016 तक निर्मित पुराने मकानों के पट्टे जारी किये गये। इसी प्रकार राजस्व विभाग की अधिसूचना के द्वारा ग्रामीण क्षेत्र में आबादी विस्तार हेतु भूमि सैट अपार्ट की शक्तियां उपखण्ड अधिकारी को दी गयी।

श्री राठौड़ ने बताया कि पट्टा अभियान के दौरान सरकारी कार्यालयों के भवनों के लिए आबादी भूमि आवंटन के लिए 500 वर्ग गज तक ग्राम पंचायत को, 500 से 1000 वर्ग गज तक पंचायत समिति एवं 1000 वर्ग गज से अधिक भूमि आवंटन का अधिकार जिला परिषद को दिया गया।

उन्होंने बताया कि जारी किये गये पट्टों में अनुसूचित जाति के नागरिकों को एक लाख 46 हजार 685, अनुसूचित जनजाति को 69 हजार 988, महिलाओं को 1 लाख 8 हजार 472 तथा घुमन्तु भेड़ पालकों को 212 पट्टे दिये गये। इसी प्रकार कमजोर वर्ग के लोगों को 10 हजार 982 पट्टे रियायती दरों पर तथा 30 हजार 963 बी.पी.एल. एवं गाडिया लुहार परिवारों को निःशुल्क भूखण्ड के पट्टे जारी किये गये। पट्टा अभियान में अच्छा काम करने वालों को किया जायेगा सम्मानित श्री राठौड़ ने पत्रकारों को बताया कि संचालित पं. दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण पट्टा अभियान में उत्कृष्ट कार्य करने वालों को सम्मानित किया जायेेगा।

उन्होंने बताया कि सर्वश्रेष्ठ कार्य करने वाले 3 जिलों के जिला प्रमुख एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी, 10 पंचायत समितियों के प्रधान एवं विकास अधिकारी, 25 ग्राम पंचायतों के सरपंच एवं ग्राम सेवकों को राज्य स्तर पर सम्मानित किया जायेगा। इनके अलावा अभियान में अच्छा कार्य करने वाले 3 उपखण्ड अधिकारियों को भी सम्मानित किया जायेगा।
इस अवसर पर पंचायती राज विभाग के शासन सचिव श्री नवीन महाजन ने बताया कि पट्टे जारी करने के साथ उनका रजिस्ट्रेशन किया गया जिससे ग्रामीणों को अपने घरेलू कार्य करने के लिए जरूरत पड़ने पर वित्तीय संस्थानों से ऋण ले सकते हैं। उन्होंने बताया कि इन पट्टों पर लगभग 3500 करोड़ रुपये का ऋण वित्तीय संस्थानों से लोन ले सकेंगे।
मनरेगा में गत वर्ष 5 हजार करोड़ खर्च किये ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री श्री राठौड़ ने बताया कि राज्य में महात्मा गांधीन नरेगा में गत वर्ष 5 हजार 157 करोड़ रुपये व्यय किये गये जो गत 6 वषोर्ं में सर्वाधिक हैं। इससे राज्य में लोगों को रोजगार मिलने से परिसंपत्तियों का निर्माण हुआ है।

उन्होंने बताया कि इससे एस.सी.,एस.टी., बी.पी.एल. परिवारों को ज्यादा लाभ मिला है। उन्होंने बताया कि मनरेगा में कई नवाचार किये गये। अब किसान अपने खेतों में तीन लाख तक के कार्य जैसे बैरिकेडिंग, मेड़बंदी, समतलीकरण आदि कार्य करा सकेंगे।
श्री राठौड़ ने प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना की जानकारी देते हुए बताया कि राज्य में 4.60 लाख आवासहीन परिवारों का पंजीकरण किया गया जिससे 2.50 लाख आवास निर्माण की स्वीतियां जारी की जा चुकी हैं तथा 1 लाख लोगों को दूसरी किश्त जारी की जा चुकी है।

इसके लिए 937 करोड़ भारत सरकार से मिल चुका है वहीं 624 करोड़ राज्य अंश होगा। इस तरह आवास निर्माण पर 1561 करोड़ दो सालों में व्यय किया जायेगा। वहीं प्रधानमंत्री का 2022 तक सभी को आवास दिलाने का सपना पूरा हो सकेगा।

उन्होंने बताया कि राज्य में राज्य सरकार ने 17 लाख आवास निर्माण कराने का लक्ष्य रखा है जिसमें 8.70 लाख आवासों का निर्माण पूरा किया जा चुका है वहीं 1.60 लाख आवास तीन महीने पूरे कर लिये जायेंगे।

उन्होंने बताया कि सभी आवासों का जियो टैगिंग के साथ लाभार्थियों का बैंक खातों के माध्यम से भुगतान किया जा रहा है।

इस अवसर पर ग्रामीण विकास विभाग के शासन सचिव श्री रोहित कुमार ने बताया कि आदिवासी क्षेत्र में 10 आवास एक साथ बनाने पर उन्हें बिजली, पानी, सड़क योजना के साथ उज्जवला योजना के गैस कनैक्शन देने का प्रावधान किया गया वहीं नरेगा में विशेष लाभ भी दिया जायेगा।

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