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जयपुर।  शिक्षा राज्य मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ने गुरुवार को विधानसभा में बताया प्रदेश में उर्दू स्कूलों (कक्षा 6 से 8) की संख्या 289 है, सरकार ने 284 स्कूलों में उर्दू अध्यापकों को लगा दिया है। उन्होंने सदन को आश्वस्त करते हुए बताया कि कोई भी छात्र 6 से 8 तक की कक्षा में उर्दू पढ़ना चाह रहा है वहां अध्यापकों की कमी नहीं रहने दी जाएगी।
डोटासरा प्रश्नकाल के दौरान विधायकों द्वारा पूछे गए पूरक प्रश्नों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने बताया कि कक्षा 6 से 8 तक उर्दू को तृतीय भाषा के रूप में पढ़ाया जाता है लेकिन माध्यमिक शिक्षा में उर्दू वैकल्पिक विषय के तौर पर लिया जाता है। उन्होंने बताया कि पिछले पांच वषोर्ं में पूर्ववर्ती सरकार ने उर्दू के साथ भेदभाव किया। इसका ताजा उदाहरण है कि जो स्टाफिंग पैटर्न सरकार को दो वर्ष पहले करना था वह नहीं किया गया। जब वर्तमान सरकार ने स्टाफिंग पैटर्न किया तो पता चला कि जहां उर्दू के छात्र थे वहां अध्यापकों को नहीं लगाया गया। उन्होंने बताया कि हमने स्टाफिंग पैटर्न लागू कर पर्याप्त संख्या में उर्दू अध्यापकों को लगाया गया।
इससे पहले विधायक अमीन खां के मूल प्रश्न के जवाब में उन्होंने माध्यमिक शिक्षा विभाग के अधीन ग्रामीण क्षेत्र में संचालित ऎसे 656 राजकीय विद्यालय जिनमें उर्दू विषय अध्ययन की सुविधा उपलब्ध है। उनका इसका जिलेवार विवरण सदन के पटल पर रखा। उन्होंने बताया कि प्रारम्भिक शिक्षा विभाग के अन्तर्गत राजकीय प्राथमिक विद्यालय या उच्च प्राथमिक विद्यालयों में पृथक से उर्दू विषय स्वीकृत नहीं है, अपितु तृतीय भाषा के रूप में उर्दू विषय पढ़ाया जाता है। उन्होंने बताया कि पृथक से किसी भी विद्यालय में उर्दू विषय प्रारम्भ नहीं किया गया है।
शिक्षा राज्य मंत्री ने माध्यमिक शिक्षा विभाग के अधीन राजकीय विद्यालयों में उर्दू अध्यापकों के स्वीकृत एवं रिक्त पदों का जिलेवार विवरण सदन के पटल पर रखा। उन्होंने प्रारम्भिक शिक्षा विभाग अन्तर्गत ग्रामीण क्षेत्र में उर्दू अध्यापकों के स्वीकृत और रिक्त पदों का विवरण भी सदन के पटल पर रखा।
उन्होंने बताया कि राजस्थान लोक सेवा आयोग, अजमेर एवं विभागीय पदोन्नति समिति से चयनित पात्र आशार्थी उपलब्ध होने पर रिक्त पदों को भरा जा सकेगा तथा शिक्षक भर्ती, 2018 लेवल द्वितीय के अन्तर्गत उर्दू विषय के 150 पदों पर सीधी भर्ती की गई। वर्तमान में विद्यालयों में शैक्षिक पदों के पुनः निर्धारण की कार्यवाही की जा रही है। स्टाफिंग पैटर्न के अनुसार विद्यालयों में अध्यापकों के पदों के अधिशेष या कमी के आधार पर भी आवश्यकता वाले विद्यालयों में रिक्त पदों को भरने की कार्यवाही की जाएगी।

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