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कन्नौज । उत्तर प्रदेश में कन्नौज की एक स्थानीय अदालत ने तीन साल पूर्व मासूम बच्ची की दुष्कर्म के बाद हत्या करने के मामले में आज दो आरोपियों को फांसी की सजा सुनाई। आरोपियों पर 80-80 हजार रूपये अर्थदण्ड भी लगाया गया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार 25 जुलाई 2014 को छिबरामऊ कोतवाली क्षेत्र के एक गांव की आठ वर्षीय मासूम बच्ची खेलने के लिए घर से खेतों पर गई थी। रास्ते में मौजूद सुधीर नट, जीतू नट और सतीश नट ने बच्ची को दबोच लिया और उसके साथ बारी-बारी से दुष्कर्म किया। आरोपियों ने दुष्कर्म के बाद बच्ची की हत्या कर दी और शव सिपाही राम के खेत में तालाब की मेड़ के किनारे बोरे में भरकर फेंक दिया।
देर शाम घर पर पहुंचे मृतका के पिता ने बच्ची की काफी तलाश की लेकिन उसका पता नहीं चला। सुबह बच्ची का शव बोरे में बंद मिला। मृतका के पिता ने अज्ञात लोगों के विरूद्ध दुष्कर्म व हत्या का मुकदमा दर्ज कराया। मामले की छानबीन कर रहे कोतवाल सी एल वर्मा ने उपरोक्त तीनों आरोपियों की संलिप्तता घटना में पाई और गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
पूछताछ में आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल किया। पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। आरोपियों में से एक आरोपी सुधीर के नाबालिग होने के कारण उसके मामले की सुनवाई किशोर न्याय बोर्ड में दाखिल हुआ। अन्य दोनों की सुनवाई अपर जिला न्यायाधीश(प्रथम) की अदालत में हुई।
मामले की सुनवाई करते हुए अपर जिला न्यायाधीश चन्द्रभूषण सिंह ने गवाहों के बयानों और साक्ष्यों के आधार पर जीतू और सतीश को दोषी करार देते हुए फाॅंसी की सजा सुनाई। दोनों आरोपियों पर 80-80 हजार का अर्थदण्ड भी लगाया गया है।
इस बीच, मृतका के पिता ने कहा कि सच की जीत हुई है। उनके आंखों में आंसू छलक आए। उन्होंने कहा कि उन्हें भरोसा था कि उसे न्याय मिलेगा और आरोपियों को सख्त से सख्त सजा होगी। दूसरी ओर, सजा सुनकर दोषियों के परिजनों में हाहाकार मच गया। 

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