बीकानेर। आगामी 21 फरवरी को अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस मनाने को लेकर राजस्थानी मोट्यार परिसद द्वारा आज उच्च शिक्षा मंत्री भंवर सिंह भाटी को ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें प्रमुख मांग रखी गई कि आने वाली 21 फरवरी को सभी राजकीय ओर निजी महाविद्यालयों में राजस्थानी मातृभाषा दिवस मनाया जाए और राजस्थान सरकार राजस्थानी को राजभाषा घोषित करे इसके साथ ही रीट में राजस्थानी भाषा को जोड़ा जाये।

हर महाविद्यालय में राजस्थानी विभाग खोला जाए तथा राजस्थानी व्याख्यातो की भर्ती की जाये। इस संबंध में शिक्षा मंत्री ने तुरंत कारवाई करते हुए ये घोषणा की की सब महाविद्यालयों में आगामी 21 फरवरी को राजस्थानी मातृभाषा दिवस मनाया जाए, उन्होंने इस संबंध में कहा कि हमारी सरकार 2003 में ही सर्वसम्मति से इस प्रस्ताव को पास करके भेज चुकी है और हम राजस्थानी भाषा को बढ़ावा देने को लेकर बहुत ही सकारात्मक है।

ज्ञापन देने के लिए मधु आचार्य (आशावादी) के संरक्षक के रूप में तथा प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ गौरीशंकर प्रजापत और नेहरू शारदा पीठ प्राचार्य प्रशांत जी बिस्सा के साथ साथ परिषद् उपाध्यक्ष सरजीत सिंह ‘राजस्थानी’, राजेश चौधरी, प्रशांत जैन, मुकेश रामावत सहित पूरी राजस्थानी मोट्यार परिसद की टीम सक्रिय रही।

इस कार्यक्रम के तुरंत बाद नेहरू शारदा पीठ महाविद्यालय के सभी छात्र छात्राओं और डूंगर कॉलेज के विद्यार्थियों को आगामी 21 फरवरी2020  को बीकानेर कचहरी परिसर में आयोजित धरने हेतू  निमंत्रण दिया गया।