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जयपुर hellobikaner.com मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि कोरोना संक्रमण रोकने के लिए लॉकडाउन का निर्णय सरकार ने प्रदेशवासियों के जीवन की रक्षा के लिए किया है। संकट की इस घड़ी में राज्य सरकार किसी गरीब को भूखा नहीं सोने देगी। उन्होंने सभी सक्षम लोगों से मार्मिक अपील करते हुए कहा कि प्रत्येक परिवार अपने साथ-साथ दो गरीबों के लिए भी भोजन की व्यवस्था करे। एक-दूसरे का हाथ थामकर ही हम कोरोना की इस चुनौती का मुकाबला कर पाएंगे।

गहलोत बुधवार शाम को कोर ग्रुप तथा वार रूम के अधिकारियों के साथ वीडियो कांफ्रेंस के जरिए स्थिति की समीक्षा कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है कि सप्लाई चैन बाधित नहीं हो, आवश्यक वस्तुओं की दुकानें खुलें। इसके लिए जरूरी है कि फल-सब्जी तथा खाद्य सामग्री की आपूर्ति करने वाले ट्रकों को नहीं रोका जाए। साथ ही जहां तक संभव हो फल-सब्जी तथा आवश्यक वस्तुओं की डोर-स्टेप-डिलीवरी सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि गरीबों, जरूरतमंदों तथा दिहाड़ी पर अपना जीवन-यापन करने वालों को भोजन उपलब्ध कराने के लिए अक्षय पात्र, मंदिर ट्रस्टों, मिड डे मील पकाने वाले स्वयं सहायता समूहों आदि का सहयोग लिया जाए।

मंडियों में जारी रहे अनाज की खरीद-फरोख्त
गहलोत ने स्पष्ट किया कि मंडियों में अनाज की खरीद-फरोख्त पर कोई रोक नहीं है। सिर्फ न्यूनतम समर्थन मूल्य पर होने वाली खरीद एवं पंजीकरण को स्थगित किया गया है। उन्होंने निर्देश दिए कि सोशल डिस्टेंसिंग को सुनिश्चित करते हुए मंडियों में कृषि जिंसों के खरीद-बेचान को जारी रखें।

बेजुबान पशु-पक्षियों की भी चिंता करें
मुख्यमंत्री ने कहा कि इंसान के साथ-साथ गाय, भेड़, बकरी सहित अन्य मूक पशुओं की जान की भी हमें परवाह करनी है। लॉकडाउन के कारण मूक पशु-पक्षियों को दाना एवं चारा-पानी नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में उनके जीवन पर संकट आ गया है। पशु-पक्षियों के लिए दाना-पानी की व्यवस्था हमारी संस्कृति का अंग है। ऐसे में स्वयंसेवी एवं धार्मिक संस्थाओं तथा उदारमना लोग आगे आकर इन मूक पशु-पक्षियों के दाना-पानी की जिम्मेदारी उठाएं। उन्होंने निर्देश दिए कि गौशालाओं में चारे-पानी की व्यवस्था करने वाले लोगों को लॉकडाउन के दौरान सुगमता से परमिट दिए जाएं।

अखिल भारतीय सेवा तथा आरएएस अधिकारी देंगे पांच दिन का वेतन
बैठक में अखिल भारतीय सेवा तथा आरएएस अधिकारियों ने अपनी ओर से पांच दिन का वेतन मुख्यमंत्री सहायता कोष कोविड-19 रिलीफ फंड में जमा कराने की घोषणा की। गहलोत ने उन्हें साधुवाद देते हुए कहा कि जब-जब जरूरत पड़ी तब-तब कार्मिकों ने स्वयं आगे बढ़कर मुक्तहस्त से योगदान दिया है।