जयपुर। राजस्व मंत्री हरीश चौधरी बुधवार को भीलवाड़ा कलेक्टे्रट सभागार में आयोजित राजस्व अधिकारियों की बैठक को संबोधित कर रहे थे।  उन्होंने कहा कि पटवारियों की भर्ती प्रक्रिया अंतिम चरण में है तथा राज्य को 3 हजार 750 पटवारी शीघ्र ही मिलेंगे। पटवारियों से राजस्व निरीक्षक पद पर पदोन्नति भी की जा रही है।  वरिष्ठ राजस्व निरीक्षकों से नायब तहसीलदार के शत-प्रतिशत रिक्त पद भरे जायेंगे।  उन्होंने कहा कि पद रिक्त हैं फिर भी हमें लक्ष्य हांसिल करने हैं। राजस्वकर्मी नियम, कानून के माध्यम से कर्तव्य पर खरे उतरें।  जनमानस को साथ लेकर सामूहिक जिम्मेदारी का निर्वहन करें।
बैठक में  राजस्व मंत्री ने कहा कि लोगों में विश्वसनीयता कायम करना बडी जिम्मेदारी है।  देरी से मिला न्याय, न्याय नहीं होता इसीलिए अपनी सोच बदलें।  राजस्थान में उत्तर प्रदेश से भी ज्यादा राजस्व वाद लंबित हैं।  राजस्वकर्मी अपने मूल कार्य प्राथमिकता से करें तथा ऎसी व्यवस्था करें जिससे प्राथमिक स्तर पर कमियां सुधारी जा सके।  राजस्व प्रकरणों पर स्टे की प्रक्रिया पर भी विचार करना होगा।  नियमों का दुरुपयोग न हो परन्तु धारा 91 में दण्ड का प्रावधान है जिसका उपयोग नहीं कर उसे रिवार्ड बना दिया गया है। विवाद में नहीं पड़ने की मानसिकता भी बदलनी होगी।
उन्होंने कहा कि राजस्व रेकार्ड का डिजिटाईजेशन पूर्ण किया जाये जिससे सकारात्मक परिणाम आयेंगे।  सर्वे एवं रि-सर्वे की प्रक्रिया समझें एवं क्रियान्वयन के समय लोगों को मूल भावना बतायें।  प्रकरणों पर तत्काल उचित कार्यवाही करें तथा पेण्डिग नहीं रखें।  साथ ही राजस्व के नियमों में संशोधन हेतु आवश्यक सुझाव भी दें।  भूमि राजस्व की नियमावली के  पुराने नियम दूर करने एवं नये प्रावधान जोड़े जायेंगे।   सेटलमेंट का कार्य व्यवस्थित हो, राजस्वकर्मियों को टे्रनिंग की आवश्यकता होने पर उचित प्रशिक्षण भी दिलवाया जायेगा।  ऑनलाईन म्यूटेशन की शुरुआत चोमू से हो चुकी है।  इसके तहत महिलाओं को हक लाभ की व्यवस्था सुनिश्चित हो।  राजस्व मंत्री ने जिले की राजस्व टीम की तारीफ करते हुए प्रदेश की बेस्ट टीमों में से बताया।
बैठक में भीलवाड़ा जिला कलक्टरराजेन्द्र भट्ट ने कहा की राजस्व न्यायालय के प्रकरणों को समय पर निस्तारित कर लक्ष्य पूरे करें। अन्यथा छुट्टियों में केम्प लगाकर मामले निपटाने होंगे।  उन्होंने कहा कि यदि स्टेनो की भर्ती हो तो फेंसले देने में सुगमता रहेगी।  डिजिटाईजेशन में भीलवाडा पांचवे स्थान पर है। बैठक में जिले के सभी उपखण्ड अधिकारी, तहसीलदार तथा जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।