बीकानेर। हाथों में तिरंगे लिए, सिर पर तीन रंगों की टोपी पहने बच्चे आजादी के महत्व को समझ रहे थे। यह दृश्य था नत्थूसर गेट स्थित नालन्दा पब्लिक सीनियर सैकेण्डरी स्कूल का। नालन्दा स्कूल के प्राचार्य राजेश रंगा ने बताया कि स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर एमएम स्कूल खेल मैदान में ‘सरजमींÓ नामक कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। रंगा ने बताया कि बीकानेर फाउंडेशन के आयोजन में शहीदों को नमन किया जाएगा।


बीकानेर फाउण्डेशन के प्रतिनिधि डॉ. अमित पुरोहित ने बुधवार सुबह शाला के विद्यार्थियों को शहीदों द्वारा दिए गए बलिदान के बारे बताया तथा सरजमीं कार्यक्रम में शामिल होने का आग्रह किया। डॉ. पुरोहित ने बताया कि फाउंडेशन शहर के चहुंमुखी विकास हेतु तत्पर है।

संस्था के प्रतिनिधि साजिद सुलेमानी ने विद्यार्थियों को सम्बोधित करते हुए बताया कि सरजमीं कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ क्रान्तिकारियों का स्मरण किया जाएगा। प्राचार्य राजेश रंगा ने बताया कि आज का दिन बीकानेर के लिए भी ऐतिहासिक है। आज के ही दिन सात अगस्त को बीकानेर रियासत का भारत में विलय हुआ था।
कार्यक्रम में मदनमोहन व्यास ‘एसपीÓ, हरिनारायण आचार्य, अशोक शर्मा सहित अनेकजनों ने अपना सम्बोधन दिया।

क्या है सरजमीं
बीकानेर फाउंडेशन द्वारा आयोजित होने वाला ऐसा कार्यक्रम जिसमें शहीदों के स्मरण के साथ-साथ प्रबुद्ध प्रवासियों को भी आमंत्रण कर उन्हें सम्मानित किया जाएगा। प्रवासियों को भी स्मरण करवाया जाएगा कि बीकानेर आपकी सरजमीं है यहां भी विकास के मार्ग खुले हैं। उद्योग-धंधे स्थापित कर शहर के विकास में अपनी सहभागिता निभाया जाएगा। कार्यक्रम में कोलकाता से 100 से अधिक कलाकारा देश की आजादी से पहले से लेकर अब तक देश की सुरक्षा में विभिन्न मुवमेंट से जुड़े गीत-संगीत, नाट्य मंचन के साथ भव्य प्रस्तुतियां देंगे।