Websity
जयपुर hellobikaner.com राजस्थान सरकार ने सोमवार को लॉकडाउन के दौरान लोगों को पास जारी करने की व्यवस्था को अधिक सुविधाजनक बनाने के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
 
अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) राजीव स्वरूप ने बताया कि इन दिशा-निर्देशों के अनुसार अंतर जिला एवं जिले के अंदर अनुमत गतिविधियों हेतु आवागमन के लिए किसी पास की आवश्यकता नहीं होगी। सुबह 7 बजे से शाम 7 बजे तक ही यह छूट रहेगी। कर्फ्यू वाले क्षेत्रों में यह छूट नहीं मिलेगी।
राज्य से बाहर निजी वाहन से जाने के लिए ऑनलाइन पास ई-मित्र पोर्टल में पंजीकृत करने अथवा 181 या 18001806127 पर फोन करने से प्राप्त किया जा सकता है।
 
दूसरे राज्यों में स्वयं के वाहनों से जाने वाले लोगों को जिला कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, उपखण्ड अधिकारी, पुलिस उप अधीक्षक, तहसीलदार, आरटीओ, डीटीओ, एसएचओ पास जारी कर सकेंगे। साथ ही, जिला उद्योग अधिकारी, एसई माइनिंग, महाप्रबंधक डीआईसी, रीको के जिला स्तरीय अधिकारी एवं अन्य जिला स्तरीय अधिकारी अपने विभाग से जुड़ी गतिविधियों के लिए पास जारी कर सकेंगे। इन सभी अधिकारियों को जारी किए गए पासों की जानकारी प्रतिदिन जिला कलेक्टर को देनी होगी।
 
दूसरे राज्यों में बस एवं ट्रेन से यात्रा के लिए जिला कलेक्टर पास जारी कर सकेंगे, बशर्ते गंतव्य राज्य से यात्रा की सहमति हो। कर्फ्यू एरिया के लिए अत्यावश्यक मामलों में केवल जिला कलेक्टर ही पास जारी कर सकेंगे।
 
अन्य प्रदेशों से राजस्थान आने वालों के लिए संबंधित राज्य के सक्षम अधिकारी द्वारा जारी पास मान्य होगा और राजस्थान से किसी एनओसी की जरूरत नहीं होगी। यदि वह राज्य राजस्थान की एनओसी मांगता है, तो राजस्थान के संबंधित जिला कलेक्टर एनओसी जारी कर सकेंगे।
 ट्रेन या बस से आने वाले (यदि राजस्थान के एक से ज्यादा जिले से संबंधित लोग तथा अन्य राज्यों में भी एक से ज्यादा जिलों में फंसे हों) लोगों के लिए अतिरिक्त मुख्य सचिव, उद्योग द्वारा दूसरे राज्य को इकट्ठा एनओसी जारी की जाएगी।
 
आपात स्थिति (बीमारी, दुर्घटना, मृत्यु आदि) में पास के लिए जिला कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, उपखण्ड अधिकारी, पुलिस उप अधीक्षक, तहसीलदार, आरटीओ, डीटीओ, एसएचओ अथवा 181 पर भी सम्पर्क किया जा सकता है।
 
इस संबंध में किसी भी समस्या के लिए स्टेट वार रूम नंबर 181 पर सम्पर्क कर सकते हैं।  दूसरे राज्यों से राजस्थान आने वाले लोगों के लिए 14 दिन के लिए क्वारेंटीन में रहना अनिवार्य होगा।