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जयपुर hellobikaner.com मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कोरोना वायरस के संक्रमण से लोगों के जीवन की सुरक्षा के लिए प्रदेशभर में आवश्यक सेवाओं को छोड़कर 22 मार्च से 31 मार्च तक पूरी तरह लॉक डाउन के निर्देश दिए हैं। इस लॉक डाउन के तहत आवश्यक सेवाओं के अतिरिक्ति समस्त राजकीय एवं निजी कार्यालय, मॉल्स, दुकानें, फैक्ट्रियां एवं सार्वजनिक परिवहन आदि बंद रहेंगे। उन्होंने कहा है कि इस वैश्विक महामारी से निपटने के लिए लोगों का घरों में रहना बेहद जरूरी है।

गहलोत शनिवार को मुख्यमंत्री निवास पर कोरोना वायरस के संक्रमण की स्थिति को लेकर समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि संकट के इस दौर में सरकार प्रदेशवासियों के साथ खड़ी है। आमजन कोरोना को हराने के लिए सरकार के निर्णयों और एडवाइजरी का पूरी तरह पालन करें ताकि स्थिति नियंत्रण से बाहर ना हो।

राजस्थान में लॉक डाउन

दैनिक निर्णयों के लिए कोर गु्रप गठित
मुख्यमंत्री के निर्देश पर कोरोना वायरस से उत्पन्न परिस्थितियों के अुनरूप दैनिक आधार पर अलग-अलग विभागों संबंधी सरकार द्वारा लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय एवं उनको क्रियान्वित कराए जाने के लिए अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह एवं परिवहन श्री राजीव स्वरूप की अध्यक्षता में एक कोर गु्रप का गठन किया गया है। इस गु्रप में अतिरिक्त मुख्य सचिव ग्रामीण विकास, प्रमुख शासन सचिव सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, शासन सचिव खाद्य एवं आपदा प्रबंधन, शासन सचिव सामान्य प्रशासन, शासन सचिव श्रम और संबंधित विभागों के अतिरिक्त मुख्य सचिव, प्रमुख शासन सचिव एवं शासन सचिव सदस्य होंगे। यह कोर गु्रप लॉकडाउन एवं अन्य पाबंदियों के कारण आम जनता विशेषकर गरीब एवं वंचित वर्ग की आवश्यकताओं हेतु लिए जाने वाले निर्णयों के लिए अपनी अभिशंषा करेगा।

एनएफएसए से जुड़े परिवारों को दो माह का गेहूं निःशुल्क
मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा के इस दौर में लोगों को खाद्य सामग्री को लेकर किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम से जुड़े एक करोड़ से अधिक परिवारों जिनको एक रूपए एवं दो रूपए प्रतिकिलो गेहूं मिलता है, उन्हें मई माह तक गेहूं निःशुल्क दिए जाने के निर्देश दिए हैं।

शहरी क्षेत्रों में जरूरतमंद परिवारों को मिलेंगे खाद्य सामग्री के पैकेट
गहलोत ने शहरी क्षेत्रों में स्ट्रीट वेण्डर्स, दिहाड़ी मजदूरों एवं ऐसे जरूरतमंद परिवारों जो एनएफएसए की सूची से बाहर हैं, को एक अप्रेल से दो माह तक आवश्यक खाद्य सामग्री के पैकेट निशुल्क उपलब्ध कराए जाने के भी निर्देश दिए हैं। ये पैकेट जिला प्रशासन तथा नगरपालिकाओं के सहयोग से उपलब्ध करवाए जाएंगे।