रमक झमक ने करवाया महिला सम्मेलन
Hello बीकानेर। सावे की परम्परा बचाने के लिये सोमवार को पुष्करणा समाज की महिलायें एक मंच पर जुटी। कैसे अपनी पंरपरा को बचाने के लिए कम खर्च में और कुरीतियों को मिटाने में महिलायें सहयोग कर सकती है। इन्ही मुद्वो पर रमक झमक डॉट कॉम के बैनर तले महिला सम्मेलन में चर्चा हुई। सम्मेलन में पहॅुची महिलाओ ने संकल्प लिया कि वे अपने परिवार और मिलने वालों में सावे की परंपरा को बचाने में पहल करेगी। इसके साथ ही समाज में अन्य लोगों को भी जागरूक करने के लिए महिलाये अपने स्तर पर अभियान चलायेगी।
कवयित्री डॉ कृष्णा आचार्य ने कहा कि सावे में सांकेतात्मक रूप से सभी परंपरा के पालन पर जोर दिया। उन्होने कहा कि महियाये ही सावे में ही शादी के फैसले को शक्ति से लागू करवा सकती है।
लॉयन क्लब की अध्यक्ष अर्चना थानवी ने कहा कि विष्णुरूपी दुल्हे की बारात देखने के लिए देषभर से लोग आते है। यह हमारी विरासतन पहचान है इसे हमें बनाये रखना होगा।
स्कुल प्राचार्य विजयलक्ष्मी पुरोहित ने कहा कि सावे में शादी करना मेल मिलाप का सबसे बड़ा अवसर है। इस दिन किसी को भी शादी का न्यौता दे या ना दे वह नाराज नहीं होता पता चलते ही खुले दिल से चला आता है।
रजनी व्यास ने कहा कि सावा में दहेज का कोई स्थान नहीं है इसी कारण हमारे समाज में दहेज के मामले कभी कभार ही देखने को मिलते है।
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ग्रहिणी डिम्पल पुरोहित ने कहा कि सावा में शादी करने से समय, श्रम और धन तीनों की बचत होती है।
अध्यापिका सुमन जोषी ने कहा कि रमक झमक संस्था पुष्करणा सावा में सभी महिलाओं को जोड़ने व एक मंच पर लाने का प्रयास किया है जिसका सकारात्मक व दूरगामी असर समाज की परम्पराओं पर पड़ेगा।
पुष्करणा महिला मंडल की उपाध्यक्ष कृष्णा व्यास ने कहा कि शोग बदलवाने का चलन कम होना चाहिये उन्होने औरतों से कहा कि एक बुजुर्ग का शोग पलटने से सबका शोग पलट जाता है।
रमक झमक के अध्यक्ष प्रहलाद ओझा भैरू ने बताया कि सम्मेलन में गायत्री आचार्य, राजूदेवी व्यास, डॉ भारती पुरोहित, रामप्यारी चूरा, भॅंवरी देवी छंगाणी, षिवप्यारी पुरोहित, मीनाक्षी बिस्सा, रजनी पुरोहित, लक्ष्मी देवी ओझा, संतोष व्यास, पुष्पा शर्मा, श्यामा ओझा, षिवप्यारी किराड़ू, सरोज ओझा, रामकंवरी ओझा, डॉ भावना शर्मा, वंदना बिस्सा आदि ने भी विचार रखे। प्रहलाद ओझा भैंरू ने बताया कि सभी महिलाओं ने पुराणी परंपराओं का कायम रखने व कुरीतियों को कम करने का संकल्प लिया।

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