भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में स्वाइन फ्लू से एक बच्ची की मौत के बाद अकेले राजधानी में इस बीमारी से मरने वालों की संख्या 15 हो गई है।
पूरे प्रदेश में अब तक 25 लोग इस बीमारी का शिकार बन चुके हैं।
स्वास्थ्य सूत्रों के मुताबिक रायसेन की एक बच्ची की कल भोपाल में इलाज के दौरान मौत हो गई। बच्ची को रायसेन से भोपाल रेफर किया गया था। उसके परिजन और संपर्क के अन्य लोगों पर भी नजर रखी जा रही है।
उन्होंने बताया कि भोपाल में अब तक इस बीमारी से मरने वालों की संख्या 15 हो गई है, जिनमें बाहर से रेफर होकर आने वाले कई मरीज भी शामिल हैं।
प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से इन दिनों स्वाइन फ्लू के प्रकोप की खबरें हैं। इसी बीच स्वास्थ्य विभाग की एक अधिकारी ने बताया कि प्रदेश भर में इस बीमारी से निपटने के लिए 60 से भी ज्यादा शासकीय और निजी अस्पताल चिह्नित किए गए हैं। इन अस्पतालों में बीमारी से उपचार की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। प्रदेश में भोपाल के अलावा ग्वालियर और जबलपुर में भी संदिग्ध नमूनों की जांच की व्यवस्था है।
प्रदेश में इस बीमारी के बढ़ते प्रकोप के बीच मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी स्वाइन फ्लू से बचाव की तैयारियों की समीक्षा करते हुए बीमारी को फैलने से रोकने के आवश्यक उपाय करने के लिये अधिकारियों को निर्देश दिये थे। श्री चौहान ने जनता को जागरूक करने तथा जांच और इलाज की पर्याप्त व्यवस्था करने के निर्देश भी दिये थे।
आधिकारिक जानकारी के मुताबिक प्रदेश में एक जुलाई से 28 अगस्त तक एच1 एन1 के 582 संदिग्ध मरीजों का परीक्षण किया जा चुका है जिनमें 113 में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है। 43 परीक्षण की रिपोर्ट आना बाकी है। प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में 14 और निजी में 21 मरीज उपचाररत हैं। प्रदेश के 14 जिलों में एच1 एन1 के संदिग्ध मरीज मिले हैं।
प्रदेश में स्वाइन फ्लू का प्रकोप पिछले कई साल से जारी है। वर्ष 2014 से इस बीमारी से लगातार लोगों की मौतों का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है। 

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