बीकानेर : विधायक डॉ. जोशी अब नहीं लड़ेंगे चुनाव!

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बीकानेर (अभय इंडिया न्यूज)। बीकानेर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र से लगातार दो बार धमाकेदार जीत दर्ज करने वाले भाजपा विधायक डॉ. गोपाल कृष्ण जोशी आगामी विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे। उन्होंने यह ऐलान ‘अभय इंडियाÓ के संपादक सुरेश बोड़ा से विशेष बातचीत के दौरान किया। चुनाव नहीं लडऩे के कारण पर किए गए सवाल पर वे ज्यादा नहीं बोले। उन्होंने कहा कि दो बार चुनाव जीतने से पहले यानी अस्सी के दशक में भी हालांकि उन्हें चुनाव लडऩे के मौके मिले थे, लेकिन तब उन्होंने मना कर दिया था। आगामी चुनावों में अपनी जगह अपने ही घर से किसी व्यक्ति को चुनाव मैदान में उतारने के सवाल पर वे कुछ नहीं बोले। उन्होंने कहा कि इस बारे में फिलहाल कुछ नहीं कहूंगा। शहर के विकास के सवाल पर डॉ. जोशी ने कहा कि वे काम करने में विश्वास रखते है, न कि प्रचार-प्रसार में। उन्हें इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि कौन उनसे खुश है और कौन नाराज। वे केवल अपने काम पर ध्यान देते है। बीकानेर में रेल फाटकों की समस्या के सवाल पर उन्होंने कहा कि इसका समाधान करने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। शायद इसका समाधान एलीवेटेड रोड ही होगा। इसके लिए सरकार के स्तर पर प्रक्रिया चल रही है। नगर निगम के महापौर नारायण चौपड़ा को पद से हटाने की मांग कर रहे असंतुष्ट भाजपा पार्षदों के सवाल को डॉ. जोशी ‘नो कमेंट्सÓ कह कर टाल गए। बीकानेर में बिजली के निजीकरण पर डॉ. जोशी ने कहा कि विद्युत निगम लगातार घाटे में चल रहा था, इसलिए सरकार ने इसे निजी हाथों में दिया है ताकि घाटा न हो और उपभोक्ताओं को अच्छी सेवाएं मिल सके। अभी तो कंपनी ने काम शुरू किया है। यदि वो उपभोक्ताओं को सही सेवाएं देगी तो ठीक है, नहीं तो आगे बात करेंगे। मुरलीधर व्यास कॉलोनी सहित आसपास के पांच बड़े इलाकों में सीवरेज लाइन बिछाने के काम में हो रही देरी के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह काम अब पटरी पर आ रहा है। यह सही है कि काम में देरी होने के कारण लोगों को दिक्कतें हुई है, लेकिन इसमें तेजी लाने के लिए प्रयास भी कर रहे हैं।
डॉ. कल्ला को दी थी कड़ी चुनौती
सत्तर के दशक से राजनीति के क्षेत्र में सक्रिय रहने वाले विधायक डॉ. गोपाल कृष्ण जोशी अघोषित ‘राजनीतिक वनवासÓ के बाद वर्ष 2008 में फिर उभर कर सामने आए। तब उन्होंने बीकानेर पश्चिम विधानसभा सीट से अपने चिर-परिचित प्रतिद्वंदी कांग्रेस प्रत्याशी एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. बी. डी. कल्ला को 18 हजार 861 वोटों के लंबे अंतराल से हरा दिया था। इसके बाद 2013 में हुए विधानसभा चुनाव में भी उनका मुकाबला डॉ. कल्ला के साथ हुआ। इस चुनाव में भी उन्होंने डॉ. कल्ला से 6 हजार 424 वोट अधिक हासिल करके लगातार दूसरी बार जीत का सेहरा अपने सिर बंधवाया। इससे पहले सत्तर के दशक में डॉ. जोशी कोलायत विधानसभा क्षेत्र से विधायक का चुनाव जीत चुके हैं। हालांकि लूनकरणसर में सामाजिक न्यास मंच के टिकट पर वे चुनाव हार गए थे, लेकिन वहां उन्होंने अपने विरोधियों को कड़ी चुनौती जरूर दे दी थी।
पुत्र और पौत्र पर रहेगी नजरें
विधायक डॉ. जोशी के आगामी चुनाव नहीं लडऩे के ऐलान के बाद अब भाजपा के अन्य दावेदारों में टिकट मिलने की उ मीदें हिलोरे ले सकती है। हालांकि जोशी के घर से भी टिकट को लेकर मजबूत दावेदारी हो सकती है। इसमें उनके पुत्र गोकुल जोशी और पौत्र विजय मोहन जोशी के नाम प्रमुखता से सामने आ रहे हैं। पुत्र गोकुल जोशी पूर्व में पार्षद का चुनाव जीत चुके हैं तथा पौत्र विजय मोहन जोशी भाजपा में सक्रिय कार्यकर्ता के रूप में अपनी जि मेवारी बखूबी निभा रहे हैं। अब देखना यह है कि आने वाले समय में बीकानेर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के टिकट पर चुनाव लडऩे का मौका किसे मिलता है?
जुदा है विधायक जोशी का स्टाइल
मूल रूप से व्यवसाय से जुड़े विधायक जोशी का स्टाइल आम राजनेताओं से जुदा है। इनके बारे में कहा जाता है ये प्रचार-प्रसार में ज्यादा ध्यान नहीं देते हैं। साथ ही राजनीतिक द्वेषवश कार्रवाई करने से बचते है। दो बार विधायक बनने के बाद भी शहर की कई समस्याओं का समाधान नहीं होने के सवाल पर उनके समर्थक कहते हैं कि अब उम्र का तकाजा है। वे अस्सी पार कर चुके है, इसलिए अब कामकाज में पहले वाली सक्रियता मिलनी मुश्किल ही है।