बीकानेर की उर्दू शायरी काफी समृद्ध है-रंगा

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हैलो बीकानेर न्यूज नेटवर्क ,बीकानेर, hellobikaner.com बज्मे-वली लालगढ़ की जानिब से मशहूर शायरा मरहूम परवीन शाकिर की बरसी पर उनकी याद में उनकी गजल के मिसरे ‘इतनी तो सूझबूझ मेरे बागबां में है’ पर केंद्रित तरही मुशायरा महाराजा नरेंद्र सिंह ऑडिटोरियम नागरी भंडार में संपन्न हुआ। मुशायरे में तकरीबन डेढ़ दर्जन शायरों ने भागीदारी की गजलों से परवीन शाकिर को खरिाजे अक़ीदत पेश की।

 

संस्था के अध्यक्ष मोहम्मद इस्हाक गौरी ‘शफ़क’ ने बताया कि इस अवसर पर बज्मे वली की तरफ से नगर के छः शायरों क़ासिम बीकानेरी, मुफ्ती अशफाक गौरी ‘उफ़क’, अमित गोस्वामी, निर्मल कुमार शर्मा, अब्दुल जब्बार ‘जज्बी’ और सालिक ‘इरम’ को परवीन शाकिर सम्मान 2022 से सम्मानित किया गया। सम्मान के क्रम में संस्था द्वारा सभी शायरों को माल्यार्पण, शॉल, साफा, चांदी का सिक्का, स्मृति चिन्ह और सम्मान पत्र भेंट किया गया। सम्मानित शख्सियतों का परिचय शायर जाकिर ’अदीब’ ने प्रस्तुत किया। सम्मान से अभिभूत होते हुए सभी शायरों ने संस्था को साधुवाद दिया।

 

 

संस्था के सचिव युवा शायर माजिद खान गौरी ‘माजिद’ ने बताया कि कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. अजीज अहमद सुलेमानी ने की। सुलेमानी ने अध्यक्षीय उद्बोधन देते हुए कहा कि संस्था ने प्रतिभाओं का सम्मान करके उनकी हौसला अफजाई की है इसके लिए संस्था बधाई की पात्र हैं।

 

 

मुख्य अतिथि वरिष्ठ राजस्थानी कवि कथाकार कमल रंगा ने कहा कि बीकानेर की उर्दू शायरी काफी समृद्ध है यहां के शायरों को उर्दू गद्य सृजन की तरफ भी ध्यान देना चाहिए। बज्मे वली संस्थान का प्रयास सराहनीय है। तरही मुशायरे में वली मोहम्मद गौरी, रवि शुक्ल, इमदाद उल्लाह ‘बासित’, बुनियाद ‘जहीन’, डॉ. जियाउल हसन क़ादरी, असद अली असद, सागर सिद्दीकी, हनुमंत गौड़ ‘नजीर’ ,मुइनुद्दीन ‘मुईन’ और गुलफाम हुसैन ‘आही’ के साथ सम्मानित शायरों ने भी ने अपनी तरही गजलें पेश की।

 

 

कार्यक्रम के प्रारंभ में परवीन शाकिर के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर मोहम्मद इस्हाक गौरी शफक’ ने अपनी बात रखी।कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ शायर जाकिर ’अदीब’ ने किया। सभी का आभार मोहम्मद इस्माइल गौरी ने ज्ञापित किया।