डॉ. करणीसिंह स्टेडियम में 24वें अंतर्राष्ट्रीय ऊंट उत्सव का हुआ आगाज, देखे फोटो

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जिला कल€टर ने रंग-बिरंगे गुŽबारे और सफेद कपोत हवा में छोडक़र की चौबीसवें ऊंट उत्सव की शुरूआत
बीकानेर। ‘नख-शिख सजे ऊंट, मूंछों पर ताव देते रौबीले, चंग की थाप के साथ गूंजते लोकगीत तो मशक वादन से बरबस ही देशी-विदेशी पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करते लोक कलाकार और इन अविस्मरणीय क्षणों को मोबाइल और कैमरे में कैद करते सैकड़ों लोग’ कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला शनिवार को प्रारम्भ हुए दो दिवसीय 24वें अंतर्राष्ट्रीय ऊंट उत्सव के पहले दिन।
जैसे ही जिला कल€टर वेदप्रकाश, पुलिस अधीक्षक डॉ. अमनदीपसिंह कपूर, राष्ट्रीय उष्ट्र अनुसंधान केन्द्र के निदेशक डॉ. एन. वी. पाटिल, एसबीबीजे के डीजीएम राकेश कौशल और ब्रिगेडियर आर. एस. माथारू ने रंग-बिरंगे गुŽबारे और शांति के प्रतीक सफेद कपोत हवा में छोडक़र महोत्सव का आगाज किया तो मानो पूरे देश की संस्कृति डॉ. करणीसिंह स्टेडियम में जीवंत हो उठी। ढोल, नगाड़ों और शंख की सुमधुर ध्वनि के बीच हजारों की संख्या में स्टेडियम में मौजूद देशी-विदेशी पर्यटकों ने इस ऐतिहासिक क्षण का तालियां बजाकर स्वागत किया तो आर्मी के बैगपाइपर बैंड ने सुमधुर स्वरलहरियां बिखेरकर समां बांध दिया।
जूनागढ़ से रवाना हुई शोभायात्रा
इससे पहले जिला कल€टर वेदप्रकाश ने जूनागढ़ के आगे से शोभायात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। शोभायात्रा में बुलेट पर विदेशी महिला के साथ खेमसा पुरोहित सबसे आगे रहे।
मशकवादक मंगलाराम भील की पार्टी ने लोक संस्कृति को साकार किया। इसके बाद सजे-धजे ऊंटों पर सवार रौबीलों ने देशी-विदेशी मेहमानों का अभिवादन किया। शोभायात्रा में बालोतरा का आंगी गैर नृत्य, चूरू की चंग पार्टी, पंजाब का बैंड, भांगड़ा नृत्य पार्टी और पारम्परिक राजस्थानी वेशभूषा में श्रृंगारित सैकड़ों स्कूली बालिकाएं सिर पर मंगल कलश लिए साथ थीं। शोभायात्रा में बड़ी संख्या में ऊंट भी साथ थे तो एसबीबीजे की कैमल बैंक भी पर्यटकों के लिए आकर्षण का केन्द्र थी। शोभायात्रा यहां से होते हुए डॉ. करणीसिंह स्टेडियम पहुंची।
विदेशी पावणे बोले, ‘खम्मा घणी सा’
शोभायात्रा और स्टेडियम में मौजूद विदेशी मेहमानों ने ‘खम्मा घणी सा’ और ‘नमस्कार’ कहकर एक-दूसरे का अभिवादन किया। अनेक विदेशी महिला एवं पुरूष पर्यटकों ने राजस्थान की पारम्परिक वेशभूषा पहनी हुई थी, तो रौबीलों के साथ फोटो खिंचवाने में भी देशी-विदेशी पर्यटक मशगूल दिखे। पारम्परिक वेशभूषा में छोटे-छोटे बच्चे विशेष आकर्षण का केन्द्र रहे। नृत्य करते ऊंट ने जब जिला कल€टर वेदप्रकाश के गले में फूलों का हार डाला तो दर्शकों ने तालियां बजाकर स्वागत किया। इस अवसर पर महानिरीक्षक पुलिस बिपिन कुमार पांडे, जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी नम्रता वृष्णि, अतिरि€त कल€टर (नगर) शैलेन्द्र देवड़ा, सहीराम दुसाद, सीओ सदर राजेन्द्र सिंह, पर्यटन विभाग की सहायक निदेशक भारती नैथानी, अजय शर्मा, पुष्पेन्द्र सिंह सहित बड़ी संख्या में आमजन मौजूद रहे। संचालन मंडल में संजय पुरोहित, रवीन्द्र हर्ष, किशोर सिंह राजपुरोहित और ज्योति रंगा शामिल थे।
पहली बार हुआ हाइटेक प्रचार-प्रसार
ऊंट उत्सव के लिए पहली बार हुए हाइटेक प्रचार-प्रसार की बदौलत सामान्य से अधिक दर्शकों ने उत्सव का लुत्फ उठाया। इस बार जिला कल€टर वेदप्रकाश की पहल पर सोशल मीडिया पर उत्सव का विशेष प्रचार-प्रसार किया गया था। इसके तहत विभिन्न प्रोमो तथा इंफोग्राफि€स तैयार करवाए गए, जिन्हें व्हाट्सअप, फेसबुक एवं ट्विटर पर वायरल किया गया। इसी प्रकार शोभायात्रा को भी अधिक आकर्षक बनाने के लिए विभिन्न राज्यों के लोकनृत्यों और ऊंटों को अधिक संख्या में शामिल किया गया था। स्टेडियम में बड़ी डिजीटल स्क्रिनों और ड्रोन कैमरे के माध्यम से विभिन्न प्रतियोगिताओं को लाइव दिखाया गया।
फोटो प्रदर्शनी रही आकर्षण का केन्द्र
जूनागढ़ परिसर में आयोजित हो रही 4 दिवसीय फोटो प्रदर्शनी का शनिवार को भी बड़ी संख्या में देशी और विदेशी पर्यटकों ने अवलोकन किया। फोटो प्रदर्शनी में बीकानेर के 37 युवा फोटोग्राफर्स ने अपने 120 छायाचित्रों के माध्यम से बीकानेर की समृद्घ कला एवं संस्कृति को प्रस्तुत किया है। प्रदर्शनी 16 जनवरी तक आमजन के अवलोकनार्थ रहेगी।
सांस्कृतिक वैभव से रूबरू करवाएगी हैरिटेज वॉक-
उत्सव के दूसरे दिन रविवार को हैरिटेज वॉक के साथ कार्यक्रमों का आगाज होगा। पत्थर की अद्भुत न€काशी से दुनिया भर में बीकानेर को अलग पहचान देने वाली रामपुरिया हवेली से लक्ष्मीनाथ मंदिर, भांडाशाह जैन मंदिर के पास स्थित बीकानेर के संस्थापक राव बीकाजी की टेकरी तक निकलने वाली इस हैरिटज वॉक में शहर के गणमान्य लोगों के साथ अनेक पर्यटक शामिल होंगे। ‘हैरिटेज वॉक’ के माध्यम से वे बीकानेर के पुरा व सांस्कृतिक वैभव से रूबरू हो सकेंगे।
हैरिटेज वॉक के दौरान सजे-धजे ऊंट, रोबीले और बैगपाइपर बैंड साथ रहेगा। वहीं देशी एवं विदेशी पर्यटक यहां की चंदा परम्परा, मथेरण कला, गणगौर, साफा-पगड़ी बांधने की कला, रम्मतों एवं उस्ता कला की बारीकियां जान सकेंगे। हैरिटेज वॉक का आयोजन पर्यटन विभाग द्वारा लोकायन संस्था के सहयोग से किया जाएगा।
विभिन्न प्रतियोगिताओं का होगा आयोजन-
डॉ.करणी सिंह स्टेडियम में रविवार को दोपहर साढ़े बारह बजे से शाम पांच बजे तक विभिन्न प्रतियोगिताएं होंगी। इनमें देशी-विदेशी पर्यटकों की रस्सा कस्सी, ग्रामीण कुश्ती प्रतियोगिता, कबड्डी खेल प्रदर्शन मैच, साफा बांधने की प्रतियोगिता, ऊंट नृत्य, मटका दौड़, म्यूजिकल चेयर सहित विभिन्न प्रतियोगिताएं शामिल हैं। उत्सव के अंतिम दिन शाम छह बजे से रात आठ बजे तक राजस्थानी कलाकारों द्वारा लोक सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी जाएगी। उत्सव का समापन जसनाथी सम्प्रदाय की ओर से अग्निनृत्य एवं आतिशबाजी के साथ होगा।
क्राफ्ट बाजार में पहुंचे सैलानी-
जिला प्रशासन एवं जिला उद्योग केन्द्र के संयु€त तत्वावधान में, जूनागढ़ के सामने स्थित बेनीयन ट्री हट में आयोजित किये जा रहे क्राफ्ट बाजार में सैलानियों ने पहुंचकर हस्तशिल्प व अन्य आकर्षक उत्पादों का अवलोकन कर इन्हें क्रय किया।