बच्चों के चहुंमुखी विकास के लिए उठाए जाएंगे हरसंभव कदम- चतुर्वेदी

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हैलो बीकानेर, 14 नवम्बर। राजस्थान राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष मनन चतुर्वेदी ने कहा कि शिशु, बालिका व किशोर गृृहों में रह रहे बच्चों के चहुंमुखी विकास के लिए हरसंभव कदम उठाए जाएंगे।
चतुर्वेदी सोमवार को नारी निकेतन परिसर स्थित शिशु, बालिका व किशोर गृृहों में आवासित बच्चों के लिए बाल दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में बोल रही थीं। चतुर्वेदी ने इस अवसर पर बच्चों की विभिन्न प्रतियोगिताओं में स्वयं हिस्सा लेते हुए, सभी बच्चों को इसमें शामिल होने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि इन खेल प्रतियोगिताओं से बच्चों का शारीरिक व मानसिक विकास होगा तथा उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा। बच्चों में छुपी प्रतिभा को भी उभारने व पहचानने का अवसर मिल सकेगा। उन्होंने कहा कि परम्परागत खेलों का संरक्षण अत्यन्त आवश्यक है। बच्चों को खेलने के लिए प्रोत्साहित करना जरूरी है।
चतुर्वेदी ने बताया कि निकट भविष्य में विभिन्न जिलों के किशोरगृहों के बच्चों के लिए आईपीएल की तर्ज पर खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सभी संभागों के जिलों में आयोजित चित्रकला प्रतियोगिता में सम्मिलित बच्चों की पेंटिंग्स, राज्य स्तर पर आयोजित होने वाले कार्यक्रम में प्रदर्शित की जाएंगी। उन्होंने बताया कि फुलवारी कार्यक्रम के तहत कच्ची बस्तियों में रहने वाले बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।
किया निरीक्षणः- चतुर्वेदी ने शिशु, बालिका, किशोर गृृहों व नारी निकेतन का निरीक्षण करते हुए सम्बन्धित अधिकारियों को दिशा निर्देश दिए। उन्होंने यहां रह रहीं महिलाओं व बच्चों से अलग से बातचीत की। उन्होंने भोजन, सुरक्षा, स्वच्छता व अन्य सुविधाओें के सम्बन्ध में अधिकारियों से विस्तारपूर्वक जानकारी ली। उन्होंने शिशुगृह में बन रहे नवीन भवन का निरीक्षण किया। समाजसेवी महावीर रांका ने उन्हें यहां उपलब्ध करवाई जा रही सुविधाओं के बारे में बताया।
खिल उठे चेहरेः- बाल दिवस पर आयोजित विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में बच्चों के साथ चतुर्वेदी स्वयं भी शामिल हुईं। अपने बीच में आयोग अध्यक्ष को पाकर बच्चों के चहरे खिल उठे। इस अवसर पर पेंटिंग प्रतियोगिता, रस्सीकूद, चम्मच दौड़, सतौलिया, पेलदूज, गुब्बारा फुलाना आदि की मनोरंजक प्रतियोगिताएं हुइर्ं। पेंटिंग प्रतियोगिता में बच्चों ने मनमोहक चित्रकारी की। उन्होंने “बेटी बचाओ-बेटी पढा़ओ’ आदि विषयों की थीम पर भी चित्र बनाए। सेवाश्रम के विशेष बच्चों ने नृत्य प्रस्तुति दी।
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लक्ष्यों को बताया- इस अवसर पर एक बड़े बैनर पर बच्चों ने अपना नाम तथा वे जीवन में क्या बनना चाहते हैं, के बारे में लिखा। प्रतीक्षा, रितू व रूबी ने डॉक्टर बनने की, प्रिया व लक्ष्मी ने पुलिस सेवा में जाने की, पुष्कर ने साईकिल रेसर बनने व हुक्माराम ने फौज में जाने के बारे में इच्छा व्यक्त की।
बच्चे का तुरन्त हो इलाज- निरीक्षण के दौरान चतुर्वेदी ने वहां एक निर्माण श्रमिक के छोटे बच्चे के पैर में लगी चोट देखी, उसका पैर काफी सूजा हुआ था। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बच्चे का तत्काल इलाज करवाया जाए, जिससे इसे लगी चोट में संक्रमण आदि न हो।
इस अवसर पर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के उपनिदेशक एल डी पंवार, मधुरिमा सिंह, भीष्म कौशिक, महावीर रांका, सुमन जैन, जयश्री पारीक, हाजरा बानो, रवीश किलानिया, आरती आचार्य, सुषमा बिस्सा, शांतिलाल व्यास, देवेन्द्र सारस्वत, मनीष स्वामी, लक्ष्मण मोदी, सुमित शर्मा, प्रदीप गहलोत आदि भी उपस्थित थे।