बीकानेर के हरीश बी. शर्मा को पहला हनुमान दीक्षित सम्मान मिला

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नोहर के साहित्यकार हनुमान दीक्षित की स्मृति में साहित्यकार सम्मान समारोह व विराट कवि सम्मेलन

नोहर। बीकानेर के कवि, नाटककार व पत्रकार हरीश बी. शर्मा को पहला स्व.हनुमान दीक्षित सम्मान प्रदान किया गया। शारदा साहित्य संस्थान द्वारा नोहर की श्रीराम वाटिका में आयोजित इस समारोह में शर्मा को 11 हजार रुपए की नकद राशि, शॉल, स्मृति चिह्न व श्रीफल दिया गया। इस अवसर पर स्व.हनुमान दीक्षित की कृति ‘जो मन कहेÓ का विमोचन हुआ तथा विराट कवि-सम्मेलन में बीकानेर, फालना, लाडनूं, श्रीगंगानगर, जोधपुर, भादरा और मकराना से आए कवियों ने देररात तक समां बांधे रखा।

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि पीलीबंगा विधायक द्रोपदी मेघवाल ने इस अवसर पर दीक्षित के साहित्य व सामाजिक जीवन में दिए योगदान को याद करते हुए कहा कि वे समाज को सुधारने वाले युग-पुरुष थे, उनकी स्मूति में साहित्य सम्मान प्रारंभ करना उनकी स्मृति का चिरस्थायी बनाए रखने का एक अनुकरणीय प्रयास है। इस कार्य के लिए उन्होंने दीक्षित-परिवार की सराहना की।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए बीकानेर के वरिष्ठ रंगकर्मी, साहित्यकार व पत्रकार मधु आचार्य ‘आशावादीÓने कहा कि हनुमान दीक्षित एक ऐसे साहित्यकार थे जिन्होंने राजस्थानी भाषा की मान्यता के लिए नोहर-भादरा क्षेत्र में अलख जगाई और राजस्थानी के साहित्य को भी समृद्ध किया। एक रंगकर्मी, पत्रकार और साहित्यकार के रूप में दीक्षित को याद करते हुए उन्होंने कहा कि मुझे भरोसा है कि हरीश बी. शर्मा उनके कार्यों को आगे बढ़ा रहे हैं और इस रूप में उनके नाम से प्रारंभ होने वाले सम्मान के अधिकारी भी हैं।

विशिष्ट अतिथि के रूप में नोहर नगर पालिका चैयरमेन अमित चाचाण ने कहा कि गुरुजी हनुमान दीक्षित के दिखाए रास्ते पर चलना हम सभी का कत्र्तव्य है। नोहर पंचायत समिति प्रधान अमरसिंह पूनिया ने दीक्षित के साथ बिताए संस्मरणों को ताजा किया तो पूर्व प्रधान उर्मिला बिजारणिया ने कहा कि दीक्षित जैसे लोग सही अर्थों में समाज को रोशनी देने वाले होते हैं।

कार्यक्रम के प्रथम चरण का संचालन महेंद्रप्रताप शर्मा ने किया। दीक्षित परिवार की ओर से राजेश दीक्षित ने आभार जताया और महेंद्र मिश्रा ने हनुमान दीक्षित का परिचय पढ़ा। इस मौके पर आयोजित कवि सम्मेलन में कवयित्री कविता किरण, वरिष्ठ कवि आनंद वि.आचार्य, शायर अरुण शैहरिया, संजय आचार्य ‘वरुणÓ, सोहनदान भूतास, श्रवणदान शून्य, पवन शर्मा, पं.कैलाश शर्मा, प्रमोद शर्मा ने कविताएं सुनाकर दाद हासिल की।

कवि सम्मेलन का संचालन वरिष्ठ शायर राजेश विद्रोही ने किया। इस मौके पर भरत ओला, कृष्ण आशु, प्रियंका भारद्वाज, पे्रम धींगड़ा,आशीष पुरोहित, हाकम अली, शिवराज भारतीय, सुनील शर्मा, रमेश शर्मा, ब्रह्मदेव महर्षि, अभिषेक पारीक, कमल शर्मा आदि उपस्थित थे।