राजस्थान सरकार द्वारा गठित खेमराज कमेटी से ग्रेड पे 3600 एक सूत्रीय मांग पत्र पर हुई वार्ता सम्पन्न

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जयपुर/ बीकानेर hellobikaner.com राजस्थान सरकार द्वारा गठित वेतन विसंगति परिक्षण समिति से राजस्थान के कनिष्ठ सहायकों/लिपिक ग्रेड -2 को ग्रेड पे 3600 देने की मांग पर तथ्यों एवं तर्कपूर्ण ढंग से विस्तृत वार्ता सकारात्मक सोच के साथ सम्पन्न हुई।

 

 

जिसमें सरकारी कमेटी के अध्यक्ष खेमराज चौधरी, विनोद पण्डया सदस्य, आदित्य पारीक सलाहकार, राजेन्द्र मोदानी मुख्य लेखाधिकारी सलाहकार तथा बाबू एकता मंच के प्रदेश संरक्षक मदनमोहन व्यास, प्रदेश संयोजक कमल नारायण आचार्य, प्रदेश उप संयोजक गिरजा शंकर आचार्य, प्रतिनिधी ओम विश्नोई, विष्णु दत्त पुरोहित एवं नवरतन जोशी शामिल रहे ।

 

 

प्रदेश संयोजक कमल नारायण आचार्य ने बताया कि वार्ता दो दौर में क़रीब 2-30 मिनट तक चली मंच के मदनमोहन व्यास प्रदेश संरक्षक ने नियमों, वेतन आयोगों के 1950 से अब तक की स्थिति को स्पष्ट करते हुए राजस्थान स्टेट पैरिटी के आधार पर कनिष्ठ लिपिक/लिपिक ग्रेड -2 को ग्रेड पे 3600 देना पूर्णतः औचित्य पूर्ण सिद्ध किया साथ ही पुरजोर तरीके से मांग करते हुए इस मामले को अलग से माननीय मुख्यमंत्री महोदय के समक्ष प्रस्तुत कर आदेश प्रसारित करने का अनुरोध किया ।

 

खेमराज कमेटी से बातचीत करते के बाद शासन सचिवालय में माननीया ऊषा शर्मा मुख्य सचिव,सुरेश कुमार वर्मा संयुक्त शासन सचिव वित्त नियम एवं ललित मोदी संयुक्त सचिव (मुख्यमंत्री) हेमन्त गेरा कार्मिक सचिव से वार्ता की और ग्रेड पे 3600 की मांग को प्रबलता से प्रस्तुत किया गया।

 

कमल नारायण आचार्य ने बताया कि राजस्थान के अधीनस्थ विभागों, सचिवालय, सरकारी, अर्द्धसरकारी स्वायतशाषी विभागों, आयोगों. निकायों, निगमों, बोडों में कार्यरत मंत्रालयिक संवर्ग बाबू को ग्रेड पे 3600 (L-10) देने हेतु एक सूत्रीय मांग पर आदेश दिनांक 23/11/2022 सरकार द्वारा जारी नहीं करने पर बीकानेर -जयपुर पैदल मार्च स्थगित आंदोलन परसनेउ जिला चूरु से दिनांक 24/11/2022 से प्रारंभ कर दिया जाएगा।इस हेतु आंदोलन का नोटिस आज दे दिया गया है।

 

गिरजा शंकर आचार्य ने बताया कि अनुकम्पा नियुक्त कार्मिकों की टंकण परीक्षा संबंधित विभागों से करवाने की मांग पर भी ज्ञापन सौंपकर हेमन्त गेरा कार्मिक सचिव से वार्ता की गई तथा संस्कृत विभाग में बीकानेर एवं पाली में कार्यालय खोले जाने की मांग शिक्षा मंत्री महोदय, अतिरिक्त मुख्य सचिव शिक्षा एवं निदेशक संस्कृत शिक्षा से की गई।