नोटबंदी से पहले भाजपा के खातों में जमा हुए करोड़ों रुपए : गोविंद डोटासरा

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बीकानेर (जयनारायण बिस्सा)। प्रधानमंत्री ने नोटबंदी से पहले इसकी गोपनीयता भंग कर दी, जो देशहित में नहीं है। पीएम ने नोटबंदी की घोषण से पहले भाजपाइयों को अपने निर्णय से अवगत करा दिया। बीकानेर के सर्किट हाउस में आयोजित प्रेस वार्ता में आरोप लगाते हुए लक्ष्मणगढ़ विधायक व कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष गोविंद डोटासरा ने कहा कि नोटबंदी के दिन कोलकाता बैंक में भाजपा के खाते में पुराने नोटों के तीन करोड़ रुपए जमा किए गए। बार-बार मांग उठने के बावजूद भाजपा ने एक मार्च 2016 से आठ नवम्बर 2016 के बीच देशभर के अपने खातों के रुपयों की जानकारी नहीं दी। डोटासरा ने भाजपा पर सैंकड़ों करोड़ रुपए की संपत्तियां खरीदने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा, मोदी ने देश में आर्थिक अराजकता फैलाई है। कृषि अर्थव्यवस्था को चौपट कर किसानों के साथ अन्याय किया और मध्यम व छोटे उद्योग धंधों को चौपट कर दिया। मोदी ने देश के साथ धोखा किया है और नोटबंदी से ठीक पहले भाजपा के नेताओं ने बड़ी रकम का लेनदेन किया है। कई जगह भाजपा के नेता बड़ी रक म के साथ पकड़े गए है। डोटासरा ने मोदी के इस कदम को आम जनता को परेशानी में डालने वाला बताते हुए 50 दिनों बाद मोदी ने जो भाषण दिया वो भी जनता के साथ छलावा था। प्रधानमंत्री महज इमोशनल ड्रामा कर रहे हे। डोटासरा ने नोटबंदी को स्वतंत्र भारत के इतिहास में बड़ा घोटाला करार दिया। राज्य सरकार और मुख्यमंत्री पर डोटासरा ने निशाना साधा और कहा जो 115 मौतें हुई है उन लोगों को मुआवजा दिया जाना चाहिए। इस मौके पर कांग्रेस के जिला प्रभारी रेहाना रियाज, जिलाध्यक्ष यशपाल गहलोत, देहात अध्यक्ष महेन्द्र गहलोत,गुलाब गहलोत,महिला देहात अध्यक्ष शशिकला राठौड़,जियाउर रहमान आदि उपस्थित थे।
जाट की नाराजगी का खामियाजा भुगता है कांग्रेस ने
गोविंद डोटासरा ने प्रदेश में गर्मा रही जाट सियासत को लेकर कहा कि जाट और किसान कांग्रेस का परम्परागत वोट बैंक रहा है जब जब जाट नाराज हुए है कांग्रेस ने उसका खामियाजा भुगता है। इस सवाल पर यदि उत्तर प्रदेश चुनावों में भाजपा जीती तो क्या जनता का नोटबंदी का समर्थन माना जाएगा और उत्तर प्रदेश में कांग्रेस अभी धरातल तलाश रही है। फोटो राजेश छंगाणी