राजस्थानी भाषा की मान्यता के लिए संचालित ‘संकल्प-यात्रा’

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बीकानेर,। बीकानेर के तत्वावधान में राजस्थानी भाषा की मान्यता के लिए संचालित ‘संकल्प-यात्रा’ मंगलवार को जयनारायण व्यास कॉलोनी के मूर्ति-सर्किल के निकट स्वामी कृष्णानन्द सरस्वती मार्ग पर सैंकड़ों समर्थकों के हस्ताक्षरों के साथ संयोजक भारतीय सेवा समाज के अध्यक्ष भंवर पृथ्वीराज रतनू के नेतृत्व में आयोजित की गई।
संकल्प यात्रा में श्री कोलायत के विधायक भंवरसिंह भाटी ने हस्ताक्षर कर राजस्थानी की मांग पर केंद्र सरकार को संवेदनशीलता के साथ इस पर जल्द सकारात्मक निर्णय करने की बात करते हुए कहा कि राजस्थान सरकार के माध्यम से जल्द ही सरकारी स्तर पर पूर्व में भेजे गए प्रस्ताव पर शीघ्र कार्यवाही करने हेतु स्मरण करवाने के साथ जन जन की भावनाओं को सम्मान देते हुए सघन प्रयास किए जाएंगे।
मुक्ति के सचिव कवि-कथाकार राजेन्द्र जोशी ने संकल्प यात्रा के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा कि मान्यता के लिए लोगों को संकल्प दिलाते हुए हस्ताक्षर करवायें जाने से एक लहर सी चलने लगी है। जनता में अपनी भाषा साहित्य और संस्कृति को लेकर जोर और उत्साह के भाव देखे जा सकते हैं।
व्यंग्यकार कहानीकार बुलाकी शर्मा एवं कवि-आलोचक डॉ. नीरज दइया ने युवाओं को राजस्थानी भाषा की मान्यता से होने वाले परिवर्तनों की विस्तार से जानकारी प्रदान करते हुए कहा कि मनुष्य की अस्मिता के लिए भाषा की अनिवार्यता स्वतः सिद्ध है।
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संकल्प यात्रा में हस्ताक्षर करने और समर्थन देने वालों में शिक्षक नेता जगदीश रतनू, हिंगलाज दान रत्नू, साहित्यकार राजाराम स्वर्णकार, रेडक्रास सोसायटी के सचिव विजय खत्री, पार्षद पूजा भटनागर, रामपुरिया महाविद्यालय छात्रसंघ के अध्यक्ष जितेन्द्र सिंह, स्वछता प्रहरी मोहरसिंह, सखा संगम के अध्यक्ष एन.ड़ी.रंगा, संस्कृतिकर्मी चन्द्रशेखर जोशी, शिक्षक नेता संजय पुरोहित, चित्रकार बी.एल.नवीन, नासिर शहजाद, धर्मेन्द्र वर्मा एडवोकेट साहित क्षेत्र के अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित हुए। हस्ताक्षर करने वालों में बड़े-बुजुर्ग, पुरुष-महिलाओं के साथ युवा विद्यार्थियों में उत्साह के साथ संकल्प को जल्द पूरा करवाने में भागीदारी निभाने निर्णय हृदय स्पर्शी रहा। मार्ग पर इतने जन समूह को भाषा के लिए एकत्र देख कर सभी जल्द से जल्द मान्यता दिए जाने की मांग की चर्चा कर मान्यता दिए जाने का संकल्प पूरा होने का जैसे लक्ष्य प्रगट कर रहे थे।