पुष्करणा समाज का सामूहिक सावा आज, शहर में वैदिक मंत्रों की गूंज

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वसंत पंचमी पर अबूझ सावा-अन्य जाति-बिरादरी में भी विवाह
बीकानेर,शिव सोनी । पुष्करणा समाज का सामूहिक सावा बुधवार वसंत पंचमी को है। बसंत पंचमी को अबूझ सावा होने के कारण अन्य जाति व समुदाय के लोगों के भी मांगलिक आयोजन होंगे । पुष्करणा समाज के सामूहिक सावे के तहत मंगलवार को गणेश परिक्रमा छींकी के आयोजन से शहर का अंदरुनी क्षेत्र यजुर्वेद के मंत्रों से गूंज उठा। गणेश परिक्रमा में शामिल बनड़ा-बनड़ी व उनके परिजनों का बारह गुवाड़, मोहता चौक, नत्थूसर गेट के अंदर सहित विभिन्न स्थानों पर केसरयुक्त राबड़िए, चाय व नाश्ते से सत्कार किया गया।
दूल्हा-दुल्हन का विवाह निर्विघ्न हो तथा मार्ग में किसी तरह की कोई कठिनाई व परेशानी नहीं हो इसलिए वैदिक मंत्रोंचार व चेतन दीपक के साथ गणेश परिक्रमा निकाली गई। प्रथम पूजनीय देव से प्रार्थना की गई की मांगलिक कार्य सुख-सम्पति में हर्षोल्लास से हो। छींकी के दौरान वर-वधु एक दूसरे के घर गए । महिलाओं ने मांगलिक गीतों के साथ बुधवार को परिण्य सूत्र में बंधने वाले दम्पति के मंगलमय जीवन की कामना की।
अधिकतर बनड़ी गणेश परिक्रमा के दौरान तिपहिया वाहन व चौपहिया वाहन में गए वहीं कई बनड़े ऐसे भी थे जिन्होंने शहर की सकड़ी गलियों में यातायात जाम होने के व समय अधिक लगने के भय से मोटर साइकिल व पैदल ही गणेश परिक्रमा कर मांगलिक अनुष्ठान का एक महत्वपूर्ण कार्य पूर्ण किया। उनके साथी भी पैदल व मोटर साइकिलों पर थे। मंगलवार को वर व वधु पक्ष के घरों में मायरा भरने सहित विविध मांगलिक रस्में हुई।
वसंत पंचमी बुधवार को शहर में पुष्करणा ब्राह्मण व अन्य समाजों के करीब 300 परिवारों विवाह के आयोजन होंगे। शहर के अधिकतर भवन व सार्वजनिक स्थल वसंत पंचमी के सावे के कारण आरक्षित है। हलवाई, बैंड पार्टियां, घोड़ी व ढोल वाले भी बुक है। पंजाब से आई बैंड पार्टियों ने दो-तीन ढुकाव यानि दूल्हे को उसके ससुराल तक छोड़ने के लिए बुकिंग की है। यही आलम स्थानीय बैंड पार्टियों व घोड़ी, लाइट वालों का है। उन्होंने भी एक से अधिक सावे की बुकिंगें ले रखी है।

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पुष्करणा समाज की पुरानी परम्परा का निर्वहन करते हुए अनेक दूल्हें विष्णु स्वरूप् में यानि पिताम्बर, रेशमी गुलाबी बनियान तथा सिर पर खिड़किया पाग पहन कर, मंुह पर रूमाल लगाए हाथ में चांदी की छड़ी जिसे स्थानीय भाषा में गड़िया लिए उनी कम्बल के नीचे पैदल चलते हुए विवाह स्थल पर पहुंचेंगे। विष्णु स्वरूप् दूल्हे ंके साथ बैंड पार्टी की बजाए उनके रिश्तेदार होंगे जो ’’केसरियो लाडो जीवतो रइजै’’ आदि का उद्घोष करते हुए चलेंगे। महिलाओं का समूह भी पारम्परिक मंगलकामना के गीत गाएंगी। अनेक सामाजिक एवं स्वयं सेवी संस्थाओं ने विष्णु स्वरूप् दूल्हे का सम्मान करने तथा अनेक तरह के गिफ्ट पैकेज से उसके सत्कार व सम्मान करने की घोषणा की है।
सजावट व विशेष रोशनी- शहर में पुष्करणा समाज की करीब डेढ़ सौ से अधिक युवतियों की शादियों के कारण हर गली मोहल्ले में रोशनी की सजावट से घर व भवन जगमग करते नजर आ रहे है। अनेक मार्गों पर विशेष रोशनी लगाई गई है जिससे राहगिरों को किसी तरह की तकलीफ नहीं हो। मोहता चौक, हर्षों चौक, बारह गुवाड़, नत्थूसर गेट के अंदर तक के मार्ग पर अधिक रोशनी व रौनक है। यहीं आलम दम्माणी चौक व अन्य चौक व मोहल्लों का है। कई मोहल्लों व चौकों में सामाजिक संस्थाओं की ओर से स्वागत के फोटोयुक्त बैनर भी लगाए गए है। मोहल्लों में डीजे पर वैवाहिक गीत गाए जा रहे है। नगर निगम की ओर से भी शहर के अंदरूनी क्षेत्र में विशेष सफार्ह व रोशनी की व्यवस्था की गई है। मंगलवार देर रात बारह गुवाड चौक सहित अनेक मोहल्लों में सफाईकर्मी ड्यूटी देते नजर आ रहे थे।
जिला व पुलिस प्रशासन ने पुष्करणा समाज सामूहिक सावे के मध्य नजर रखते हुए यातायात को सुगम बनाने आदि कायों के लिए पुलिस की अतिरिक्त नफरी तैनात की है। पुलिस की नफरी के बावजूद सामाजिक कार्य होने के कारण विभिन्न सामाजिक एवं स्वयं सेवी संगठनों के प्रतिनिधि विभिन्न व्यवस्थाओं को माकूल बनाने में जुटे है। े पुलिस वालों को कहते है कि भाईजी थैतो खड़ा रैवो, म्है अबार व्यवस्था ठीक करदां’’।