विवाह में बड़ो का सम्मान का प्रतीक बड़ पापड़ हो रहे है तैयार : पुष्करणा सावा

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बीकानेर,। ‘ब्यावं सूं सगाजी -सगीजी घणा घणा राजी’ और ‘पापड़ पापड़ हद बण्यो मोय मोकळओ जीरो, सगोजी रो ओ बेटो महोने मिलग्यो हीरो’ जैसे लिखकर बड़ पापड़ रमक-झमक द्वारा तैयार करवाये जा रहे है । रमक-झमक के अध्यक्ष प्रहलाद ओझा’भैरू’ ने बताया कि पुष्करणा में कन्या विवाह में ‘खिरोडा’ की परम्परा है उसमें कई सामग्री होती है उसमें बडो के सम्मान में 9 बड़े बड़े पापड़ जिसे बड़ पापड़ कहते है दिए जाते है जिसे बनाने का तरीका अलग होता है ,सुहागिने इसे बेलती हे और पायल पायजेब पैरों की बिछिया से आकृति उकेरी जाती है । पण्डित स्वस्तिवाचन कर स्वस्तिक बनाते है । इन पापड़ो पर ‘जयश्री कृष्ण’पगेलागु सा’ सगे सगे री जड़ ,लिखे गए है ।रमक झमक संस्था ने सभी वधु परिवार के लिए ये तैयार किये है जिस रमक झमक द्वारा रविवार को नि :शुल्क दिया जायेगा ।इसके साथ नारियल,गुड़ भेली,स्टील गुढ़ कलश भी दिया जायेगा ।इन बड़ पापड़ का सावा में बहुत बड़ा व् बडो के लिए महत्व है । इनको विवाह से पूर्व बाँचने की प्रथा है । आज बड़ पापड़ श्रीमती रामकवरी ओझा के निर्देशन में तैयार किये व् पण्डित मुकेश ,आशीष व् भैरु ने मंत्रोचार कर उसपे लिखा व् स्वस्तिक बनाया ।