बीकानेर hellobikaner.com कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा संचालित जन शिक्षण संस्थान, बीकानेर द्वारा आत्म निर्भर भारत अभि‍यान के तहत संस्था न के लक्ष्यजसमूह की जरूरतमंद महि‍लाओं की आत्मा निर्भरता  के लि‍ए आज 28 जुलाई को स्थारनीय कच्चीन बस्ती श्रीरामसर  में राखी निर्माण हेतु लघु प्रशिक्षण आयोजि‍त कि‍या गया।

प्रशि‍क्षण की मुख्यो संदर्भ व्यीक्तिह‍ सुनीता गहलोत ने प्रशिक्षण में प्रशिक्षणार्थियों को सूती, रेशम धागे, मौली (कलावा) ऊन, रुद्राक्ष, तुलसी चंदन के दाने, मोती आदि घरेलू सामग्रि‍यों से आकर्षक राखियां बनानी सीखाई। इस लघु प्रशिक्षण में शामिल होने वाली संभाि‍गयों ने राखी निर्माण सीखने के बाद यह तय किया कि कोविड-19 से फैली बेरोजगारी में हम स्वयं घर पर राखियां बनाकर बाजार में सेल  करेंगे।

इस अवसर पर संस्थान के कार्यक्रम सहायक उमाशंकर आचार्य ने कहा कि कोरोना काल में महि‍लाएं इस बार रक्षाबंधन अपने हाथों से बनी राखियां भाईयों की कलाइयों पर बांधेंगी।  इसके लिए संस्थान द्वारा आय अर्जन गतिविधि के अन्तर्गत राखी निर्माण का प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर भारत के सपने को पूरा किये जाने का सार्थक प्रयास किया जा रहा है।

इसी क्रम में कार्यक्रम के संयोजन में कार्यक्रम सहायक तलत रियाज़ ने कहा कि संस्थान ने अब तक वाशिंग पाउडर, सबुन, हेण्ड वाश, कपड़े धोने का लिक्विड, मोमबती निर्माण और सेनेटाइजर के विभिन्न लघु प्रशिक्षण संपन्न करवाएं है। साथ ही कोरोना से बचाव के उपायों का ध्यान रखते हुए हमें कार्य करना है ताकि यह महामारी और अधिक न फैले और हम जीविकोपार्जन का लक्ष्य भी प्राप्त कर सकें।

सुनीता गहलोत ने लॉकडाउन के कारण रक्षाबंधन के लिए शहर के बाजार पूरी तरह से नहीं खुलेंगे। हम घरेलू सामान से अच्छी राखियां बना सकते है।

इस प्रशिक्षण में काजल सोलंकी, पूजा सोलंकी, आरती पुरोहित, मनीषा पंवार, मुस्कान, शोभा गहलोत, खुशबू जीनगर, गीता सोलंकी, प्रीति सोलंकी, कंचन सोलंकी, राधिका गहलोत आदि ने भाग लिया।