नई औषधियों व जीन थैरेपी से मिर्गी रोग का इलाज संभव- डॉ. सुरेका

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चूरू.रतननगर के उप स्वास्थ्य केन्द्र में निशुल्क मिर्गी रोग निदान शिविर में रोगियों की जांच करते डॉ.आरके सुरेका चूरू.रतननगर के उप स्वास्थ्य केन्द्र में निशुल्क मिर्गी रोग निदान शिविर में रोगियों की जांच करते डॉ.आरके सुरेका




हैलो बीकानेर न्यूज नेटवर्क, चूरू, जगदीश सोनी  रतननगर में पिछले 28 वर्षों से प्रतिमाह के पहले मंगलवार को लगने वाला निःशुल्क मिर्गी निदान शिविर आज रतननगर जिला चुरू में सम्पन्न हुआ। त्रिवेणी देवी सुरेका चेरिटेबल ट्रस्ट के तत्वाधान में यह 340वाँ कैम्प सम्पन्न हुआ। इस कैम्प में 540 मरीजों के इलाज कर पूरे माह की दवाई निःशुल्क वितरित की गई। नए साल 2023 पर सभी मिर्गी रोगियो को दूध पिलाकर के नई साल की शुरूआत की गई।

 

 

डॉ. सुरेका ने बताया कि बच्चों में और बुढ़ो में मिर्गी रोग ज्यादा पाया जाता है। बच्चों में मिर्गी रोग के कारण जन्म के समय बच्चों का ना रोना और उससे होने वाली आक्सीजन की कमी से मस्तिष्क को नुकसान होता है। जिससे बच्चों में दौरे पड़ सकते है। इसलिए महिलाओं को अपना प्रसव अस्पताल में करवाना चाहिए जहां सुविधाऐं उपलब्ध हो।

 

 

 

अगर बच्चों में मिर्गी रोग हो जाए तो चिकित्सक को दिखाकर तुरन्त दवा लेनी चाहिए जिससे बच्चों के मस्तिष्क का विकास सही तरीके से हो। मिर्गी रोग से ग्रसित बच्चे को आम बच्चों की तरह पढ़ाई व खेलकूद करने देना चाहिए। माता-पिताओं को बच्चों में मिर्गी रोग की वजह से पढ़ाई से नहीं रोकना चाहिए। मिर्गी रोग से ग्रसित बच्चों को नियमित दवाई दिलाई जाए तो आगे चलकर बच्चे पूरी पढ़ाई व अपना जीवन यापन व शादी कर सकते है।

 

 

 

आजकल नई-नई दवाइयां मिर्गी रोग के नियंत्रण के लिए आ गई हैं। हाल ही में जीन-थैरेपी का विकास हो रहा है। जिससे बच्चे पूर्ण रूप से ठीक हो सकेंगे। इस कैम्प में डॉ. रोहित सुरेका, डॉ. रक्षित सुरेका, डॉ. जयसिंह, डॉ. शरी डॉ. गौरी, तालू खान आदि ने सहयोग दिया।