तमिलनाडु में क्यों जयललिता को ‘भगवान’ मानते हैं !

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तमिलनाडु में क्यों जयललिता को ‘भगवान’ मानते हैं !
तमिलों के बीच अम्मा के नाम से लोकप्रिय जयललिता ने अपने पांच साल के कार्यकाल में जनता को लुभाने वाले खूब काम किये। जयललिता ने ‘अम्मा कैंटीन’ शुरू की थी जहां बेहद कम दामों पर भोजन मुहैया कराया जाता है।इतना ही नहीं जयललिता ने अपने शासन के दौरान जनता के लिए अम्मा नाम से एक नया ब्रांड ही शुरू कर दिया। तमिलनाडु में अम्मा मिनरल वॉटर, अम्मा सब्जी की दुकान, अम्मा फार्मेसी यहां तक कि अम्मा सीमेंट भी सस्ती कीमत पर बाजार में मिलने लगे। जयललिता की सफलता की एक बड़ी वजह ये भी रही कि पिछली बार की तरह उनके ऊपर भ्रष्टाचार का कोई बड़ा आरोप नहीं लगा। कर्नाटक हाईकोर्ट से भ्रष्टाचार के पुराने मामले में बरी होने के बाद से उनका और उनके समर्थकों का मनोबल लगातार बढ़ता चला गया।


जयललिता ने चाइल्ड आर्टिस्ट के तौर पर अपना फिल्मी करियर शुरू किया था। जयललिता ने हिंदी, कन्नड और इंग्लिश फिल्मों में भी काम किया है। तमिलनाडु की राजनीति में तो अपना लोहा मनवा चुकी जयललिता का फिल्मी करियर भी शानदार रहा है। कर्नाटक के अयंगर परिवार में फरवरी, 1948 को जन्मी जयललिता की पढ़ाई बेंगलुरू और चेन्नई के कांवेंट स्कूलों में हुई। जयललिता महज दो साल की थीं, जब उनके पिता का देहांत हो गया, उसी समय उनकी मां ने तमिल फिल्मों में अभिनय की शुरुआत की।
तमिलनाडु की मुख्‍यमंत्री जे जयललिता का सोमवार रात निधन हो गया। उन्होंने रात 11.30 बजे अंतिम सांस ली। पार्थिव शरीर अंतिम दर्शन के लिए राजाजी हॉल में रखा गया है। अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में भीड़ उमड़ रही है। अंतिम संस्कार आज शाम 4:30 बजे होगा। जयललिता के देहांत की खबर से पूरे राज्य में शोक की लहर फैल गई। वहीं, ओ पनीरसेल्वम को राज्य का मुख्यमंत्री बनाया गया है। पनीरसेल्वम ने आधी रात मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। 68 वर्ष की जयललिता को रविवार को अचानक दिल का दौरा पड़ा था। सोमवार को दिन भर उनके स्वास्थ्य को लेकर तरह तरह की अफवाहें उड़ती रही। सोमवार दोपहर कुछ तमिल टीवी चैनलों ने जयललिता की मौत की खबर चलाई थी, जिसका बाद में अस्‍पताल ने खंडन किया। हालांकि बाद में देर रात इस बात की पुष्टि कर दी गई कि जयलिलता अब हमारे बीच नहीं हैं।