धार्मिक स्थलों के विकास में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी-देवस्थान मंत्री

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रिणवा ने सुजानदेसर स्थित बाबा रामदेव मंदिर में किया बावड़ी का उद्घाटन
बीकानेर,। देवस्थान मंत्री राजकुमार रिणवा ने कहा कि सुजानदेसर का ऐतिहासिक बाबा रामदेव का मंदिर जन-जन की आस्था का केन्द्र है। इस धार्मिक स्थल के विकास के लिए सरकार द्वारा कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।
रिणवा शनिवार को बाबा रामदेव मंदिर की बावड़ी के जीर्णोद्धार के उपरांत इसके लोकार्पण समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इस मंदिर की बावड़ी का पुनरोद्धार करके धरोहर संरक्षण के साथ बरसाती जल संग्रहण की दिशा मंे उल्लेखनीय कार्य किया गया है। इस पुनीत कार्य में सहयोग देने वाले सभी लोग साधुवाद के पात्र हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्रीमती वसुंधरा राजे के नेतृत्व में भी बरसाती जल संरक्षण की दिशा में उल्लेखनीय कार्य हो रहे हैं। मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान के पहले चरण में जल संरक्षण के 92 हजार कार्य करवाए गए, वहीं इस वर्ष डेढ़ लाख जल संरचनाएं निर्मित की जाएंगी।

देवस्थान मंत्री ने कहा कि राजस्थान के पश्चिमी क्षेत्र में सदियों से बरसाती जल संग्रहण की संरचनाओं का निर्माण किया जाता रहा है। कुएं, तालाब, कुंड और बावड़ियां इस क्षेत्र की असली धरोहर हैं। इस क्षेत्र के लोग पानी की कीमत समझते हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर वे हर सोमवार को विभागीय अधिकारियों की बैठक लेकर मंदिरों के विकास से संबंधित स्वीकृतियां जारी करते हैं, जिससे मंदिरों का सर्वांगीण विकास हो सके। उन्होंने राज्य सरकार की श्रमिक कल्याण, भामाशाह एवं अन्य फ्लेगशिप योजनाओं के बारे में बताया तथा कहा कि आमजन इन योजनाओं की जानकारी रखें ओर लाभ उठाएं।
बीकानेर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के विधायक डॉ. गोपाल कृष्ण जोशी ने कहा कि बाबा रामदेव मंदिर में बावड़ी के पुनरोद्धार से आसमान से बरसने वाले अमृत का संरक्षण हो पाएगा तथा इसका उपयोग बाबा रामदेव की पूजा-अर्चना एवं श्रद्धालुओं को चरणामृत के रूप में वितरित करने में कियर जाएगा। उन्होंने कहा कि गंगाशहर-भीनासर उपनगरीय क्षेत्र के विकास के लिए वे संकल्पबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि गजनेर रोड से मुरलीधर कॉलोनी होते हुए सुजानदेसर तक शहरी गौरव पथ बनवाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए वे लगतार सरकार के समक्ष अपनी बात रख रहे हैं। चांदमल बाग में फिल्टर प्लांट स्थापित किया गया है।
नगर विकास न्यास के अध्यक्ष महावीर रांका ने कहा कि मंदिर के विकास में यूआइटी की ओर से भरपूर सहयोग दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि गंगाशहर, सुजानदेसर, श्रीरामसर, करमीसर, गोपेश्वर बस्ती सहित विभिन्न क्षेत्रों में सीवरेज का कार्य शीघ्र ही प्रारम्भ होने जा रहा है। डॉ. सत्यप्रकाश आचार्य ने कहा कि मंदिर में मुख्यमंत्री की जल संग्रहण से जल स्वावलम्बन की अवधारण के साथ कार्य किया गया है। विजय उपाध्याय ने मंदिर को हैरिटेज लुक के रूप में विकसित करने की बात कही।
इस अवसर पर पार्षद शिवकुमार रंगा, मोहन सुराणा, विजय मोहन जोशी, अरूण जैन, पूर्व पार्षद अरविंद किशोर आचार्य, चांदरतन सांखला, रमेश भाटी, दिनेश सांखला, गोपी गहलोत, सुमन जैन, मोनिका गहलोत, विक्की गहलोत सहित बड़ी संख्या में आमजन मौजूद थे।
तीन सौ वर्ष पुरानी बावड़ी का हुआ जीर्णोद्धार
कार्यक्रम के पश्चात् देवस्थान मंत्री ने बावड़ी का उद्घाटन किया। मंदिर के पुजारी नत्थूराम कच्छावा ने बताया कि इस बावड़ी का निर्माण संवत् 1774 में हुआ था। इसे मुख्य मंदिर की छत से जोड़ा गया है। इससे पहले देवस्थान मंत्री ने बाबा रामदेव मंदिर में दर्शन किए तथा प्रदेश में अमन-चैन एवं खुशहाली की कामना की।