बीकानेर। स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय के कृषि व्यवसाय प्रबंधन संस्थान (आइएबीएम) की सहायक प्रोफेसर डाॅ. अमिता शर्मा नीदरलैंड के इरेस्मस विश्वविद्यालय से छह माह का शोध कार्य पूर्ण कर सोमवार को बीकानेर पहुंची। इरेस्मस विश्वविद्यालय द्वारा डाॅ. शर्मा को मशीन लर्निंग, डाटा साइंस के एक्सपर्ट एवं गेस्ट पोस्ट डाॅक्टरल रिसर्चर के तौर पर आमंत्रित किया गया था।

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यह शोध कार्य 11 फरवरी से 10 अगस्त तक नीदरलैंड के स्थानीय निवासियों के डाटाबेस ‘लाइफलाइंस’ पर विश्वविद्यालय के प्रोफेसर विलेम वेर्बेके के निर्देशन में किया गया। डाॅ. शर्मा ने बताया कि इरेस्मस विश्वविद्यालय विश्व रैंकिंग में 72वें तथा यूरोप में चैथे स्थान पर है। उन्होंने डिप्रेशन, एंग्जायटी और बर्न-आउट जैसे मनोचिकीत्सकीय डिसऑर्डर्स का ‘बायो-मार्कर्स’ के साथ मशीन लर्निंग की तकनीकों की मदद से सांख्यिकीय एवम गणितीय मॉडल्स खोजे। उन्होंने बताया कि डॉ. विलेम वेर्बेके ने भविष्य में कृषि विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को भी शोध कार्य में शामिल करने की योजना तैयार कर रहे हैं।