पंचकूला।  हरियाणा में सिरसा के डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह को यौन शोषण मामले में स्थानीय सीबीआई अदालत की ओर से गत 25 अगस्त को दोषी ठहराये जाने के बाद भड़की हिंसा के लिये डेरा ने पांच करोड़ रुपये खर्च किये थे।
हिंसा की घटनाओं के लिये गठित विशेष जांच टीम(एसआईटी) ने शुरूआती जांच में खुलासा किया है कि डेरा प्रबंधन ने उक्त मामले में डेरा प्रमुख के दोषी पाये जाने के स्थिति में पंचकूला शाखा के अध्यक्ष चमकौर सिंह को वहां बड़ी संख्या में मौजूद डेरा समर्थकों को उकसाने तथा दंगा भड़काने के लिये पांच करोड़ रुपये दिये थे। सूत्रों के अनुसार पंजाब के ढकोली गांव का निवासी चमकौर सिंह पर पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के निर्देश पर गत 28 अगस्त को
राष्ट्रद्रोह का मामला दर्ज हुआ था। उसके बाद से वह परिवार समेत फरार है।
बताया जाता है कि इस हिंसा फैलाने के षडयंत्र में डेरा प्रमुख की दत्तक पुत्री हनीप्रीत इंसा, प्रवक्ता आदित्य इंसा और डेरा के पत्रकार सुरेंद्र धीमान इंसा के भी कथित तौर पर शामिल होने की बात भी सामने आ रही है। इनमें से धीमान को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है तथा हनीप्रीत और आदित्य अभी भी फरार हैं और इनके खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी किया गया है।
यह बात भी सामने आई है कि डेरा ने अपने समर्थकों को भरोसा दिया कि हिंसा में किसी भी जान जाने पर उसके परिवार की पूरी मदद की जाएगी। पुलिस अब चमकौर और अन्यों की तलाश कर रही है तथा इनकी गिरफ्तारी के बाद ही कई और खुलासे हो सकते हैं।
उल्लेखनीय है कि 25 अगस्त को भड़की हिंसा की घटनाओं में लगभग 40 लोग मारे गये थे तथा 260 से अधिक अन्य घायल हो गये थे। 

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