बीकानेर। बीकानेर में होली का त्यौहार मनाने का कुछ अलग ही अंदाज है जो पूरे विश्व विख्यात है। होली के त्यौहार से पहले 27 फरवरी को होली के थम्ब रोपण के साथ शहर में फागोत्सव की शुरुआत होगी। मोहता चौक मरुनायक कला केंद्र के अध्यक्ष अजय कुमार देरासरी ( फूनजी काका) ने बताया की थम्ब रोपण के बाद जगह-जगह मंदिरों और कई संस्थाओं की ओर से फागोत्सव कार्यक्रम होंगे। चंग और डफ की थाप पर होली की गीतों की बयार बहेगी।

थम्ब रोपण के बाद 9 मार्च को होलिका दहन होगा। 10 मार्च को धुलंडी होगी। पंडितों के मुताबिक फाल्गुन शुक्ल अष्टमी तीन मार्च से पूर्णिमा नौ मार्च तक होलाष्टक रहेंगे। इस समयावधि में शुभ कार्य पूर्णतया वर्जित रहेंगे। शास्त्रानुसार होलाष्टक में भक्त प्रहलाद को भगवान की भक्ति सेे क्रोधित होकर हिरण्यकश्यप ने आठ दिनों में कई तरह के कष्ट दिए थे। तभी से इस समयावधि में कोई शुभ कार्य नहीं किए जाते।