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हैलो बीकानेर, कोटा। कोटा इस वर्ष का प्रतिष्ठित गौरीशंकर कमलेश स्मृति राजस्थानी भाषा पुरस्कार डा. नीरज दइया को उनकी राजस्थानी काव्य-कृति “पाछो कुण आसी” के लिए अर्पित किया जाएगा। ज्ञान भारती संस्था के सचिव सुरेन्द्र शर्मा एडवोकेट ने आज इसकी घोषणा की, उन्होंने बताया कि काव्य विधा अंतर्गत यह पुरस्कार पूर्व में डा. भगवती व्यास, श्याम महर्षि, अम्बिकादत्त आदि को प्रदान किया जा चुका है। संस्था की निदेशक श्रीमती कमला कमलेश ने बताया कि पुरस्कार एवं सम्मान समारोह शनिवार 23 दिसम्बर को ज्ञान भारती संस्था इन्द्रा मार्केट की नई बिल्डिंग में प्रात 11 बजे स्व. गौरीशंकर कमलेश स्मृति राजस्थानी भाषा पुरस्कार एवं सम्मान समारोह 2017 के अंतर्गत आयोजित होगा। इस सम्मान के अंतर्गत डा. दइया को रु11,000 नकद, सम्मान पत्र, शाल एवं श्रीफल भेंट कर संस्था द्वारा सम्मानित किया जाएगा।

पुरस्कार समिति के सचिव जितेंद्र निर्मोही ने बताया कि डा. नीरज दइया राजस्थानी एवं हिन्दी दोनों भाषाओं में समान रूप से विगत तीन दशक से सक्रिय हैं। निर्मोही ने कहा कि डा. दइया नये तेवर के राजस्थानी भाषा के समालोचक हैं जिन्हें अनेक पुरस्कार एंव मान-सम्मान प्राप्त हो चुके हैं। निर्णयाक समिति के अनुसार पुरस्कृत कृति “पाछो कुण आसी” में विगत से जुड़े रहकर नई चुनौतियों का सामना करने की संभावनाओं को तलाश करती कविताएं है। जो राजस्थानी माटी से जुड़कर विश्व मानवता से अपने भावक को जोड़ती है।

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