इस बार करवा चौथ बेहद खास संयोग में मनाया जाएगा। ज्योतिषाचार्यो के अनुसार यह संयोग 70 साल बाद आया है। यह शुभ संयोग के दिन महिलाएं रोहिणी नक्षत्र में अपने पति की दीघार्यु की कामना करेंगी। इस बार करवा चौथ की समायाविधि करीब 14 घंटे की रहेगी।

अखण्ड़ सुहाग और अटूट प्रेम का प्रतीक करवा चौथ का व्रत इस बार 17 अक्टूबर को है। ज्योतिषों का मानना है कि रोहिणी नक्षत्र और चंद्रमा में रोहिणी के योग से मार्कडेय और सत्याभामा का योग इस बार करवा चौथ के दिन बन रहा है। ज्योतिष बताते है कि चंद्रमा की 27 पत्नियां थी उसमे से रोहिणी चंद्रमा को सर्वाधिक प्रिय थी। इसलिए यह संयोग इस करवा चौथ को बेहद खास बना रहा है। इसका सबसे ज्यादा फल उन महिलाओं को मिलेगा जो पहली बार करवा चौथ का व्रत रखेंगी।

करवा चौथ व्रत का समय
करवा चौथ का व्रत करने का समय सुबह 6:21 से रात 8:18 तक रहेगा। उपवास का समय लगभगभग 13 घंटे 56 मिनट का रहेगा। अधिकतर शहरों में चांद निकलने का लगभग समय 8:18 रात का रहेगा।

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पुजा का मुहूर्त
ज्योतिषाचार्यो के अनुसार करवा चौथ पुजा का मुहूर्त 5:50 से 7:06 तक रहेगा। ये मुहूर्त 1 घंटे 15 मिनट तक का रहेगा।