सम्बंधित रिटर्निंग अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करेंगे आवेदन

हैलो बीकानेर न्यूज़। विधानसभा चुनाव 2018 के लिए नाम निर्देशन पत्र 12 नवम्बर से भरनेे प्रारम्भ होंगे। जिला निर्वाचन अधिकारी डाॅ एन के गुप्ता ने बताया कि विधानसभा चुनाव में भाग लेने के इच्छुक अभ्यर्थी सम्बंधित विधानसभा क्षेत्र के रिटर्निंग अधिकारी के समक्ष अपना आवेदन प्रस्तुत करेंगे। आवेदन प्रातः 11 से दोपहर 3 बजे तक प्रस्तुत किए जा सकेंगे तथा रविवार को आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
डाॅ गुप्ता ने बताया कि नाम निर्देशन पत्र 19 नवम्बर तक भर जा सकेंगे। बीकानेर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के लिए रिटर्निंग अधिकारी अतिरिक्त जिला कलक्टर (नगर) तथा बीकानेर पूर्व विधानसभा क्षेत्र के लिए बीकानेर उपखंड अधिकारी को रिटर्निंग अधिकारी बनाया गया है। खाजूवाला, कोलायत, लूणकरनसर, डूंगरगढ़ तथा नोखा उपखंड अधिकारी सम्बंधित विधानसभा क्षेत्र के रिटर्निंग अधिकारी होंगे।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि 21 नवम्बर को नाम निर्देशन पत्रों की जांच की जाएगी। इसके बाद 22 नवम्बर को दोपहर 3 बजे तक नाम वापस लिए जा सकेंगे जिसके तुरंत बाद चुनाव चिन्ह् का आवंटन किया जाएगा।
पूर्ण भरना होगा फार्म
जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि प्रत्याशी को नामांकन दाखिल करने के समय नामांकन पत्र के सभी काॅलम अनिवार्य रूप से भरने होंगे। नामांकन पत्र भरने के दौरान रिटर्निंग अधिकारी कार्यालय के 100 मीटर के दायरे में अधिकतम तीन वाहनों को ही अनुमति दी जाएगी।
ये रहेगी आवेदन की योग्यता
डाॅ गुप्ता बताया कि विधानसभा चुनाव के लिए कोई भी व्यक्ति जो भारत का नागरिक हो, 25 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुका हो तथा जन प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत अन्य योग्ताएं पूर्ण करता है। अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित विधानसभा क्षेत्र में उसी जाति या जनजाति का व्यक्ति नाम निर्देशन पत्र भर सकता है। उन्होंने बताया कि साथ ही प्रत्याशी संसद द्वारा बनाई गई किसी विधि द्वारा या उसके अधीन विहित की गई योग्यताएं रखता हो।
न हो आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन
जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान अभ्यर्थी तथा विभिन्न राजनीतिक दलों द्वारा यह सुनिश्चित किया जाए कि विभिन्न गतिविधियों के दौरान आचार संहिता का उल्लंघन न हो।  राजनीतिक दल, प्रत्याशियों तथ उनके समर्थकों द्वारा प्रकाशित करवाए जाने वाले पम्पलेट(पर्चे), पोस्टर, विज्ञापन अथवा हैण्डबिल प्रकाशित या मुद्रित करवाते लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 127 के विभिन्न प्रावधानों की पालना हो। साथ ही पम्पलेट तथा पोस्टर के मुख्य पृष्ठ पर मुद्रक एवं इसके प्रकाशक का नाम तथा पता अनिवार्य रूप से लिखवाना होगा। कोई भी व्यक्ति किसी निर्वाचन पम्पलेट या पोस्टर का मुद्रण तब तक नहीं करवा सकेगा जब तक कि प्रकाशक की पहचान की घोषणा  उसके द्वारा हस्ताक्षरित तथा दो व्यक्ति जो उन्हें व्यक्तिगत रूप से जानते हो द्वारा सत्यापित न करवाया जाए। सत्यापन के पश्चात मुद्रक को इसकी दो प्रतिलिपि देनी होगी। दस्तावेज के प्रकाशत के पश्चात मुद्रक इसकी एक प्रति तथा घोषणा पत्र की प्रति जिला निर्वाचन अधिकारी को प्रस्तुत करेगा।
धारा 144 लागू रहेगी
जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि विधान सभा चुनाव 2018 के मद्देनजर 13 दिसम्बर 2018 तक दंड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 प्रभावी रहेगी। इस दौरान कोई व्यक्ति, राजनीति पार्टी, संस्था  बिना वैध अनुमति के जुलूस, सभा, रैली एवं सार्वजनिक सभा नहीं कर सकेगा तथा ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग नहीं कर सकेगा। प्रत्येक सभा, जुलूस एवं सार्वजनिक सभा की अनुमति आदर्श आचार संहिता एवं निर्वाचन आयोग भारत सरकार के निर्देशों की पालना के तहत होगी।
एम सी एम सी से प्रमाणित कराने होंगे विज्ञापन
जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि अभ्यर्थी चुनाव के दौरान अपने प्रचार-प्रसार के लिए इलेक्ट्राॅनिक मीडिया के माध्यम से जो भी विज्ञापन प्रसारित करवाना चाहते हैं, उन्हें विज्ञापन जिला या राज्य स्तरीय एमसीएमसी से पूर्व में अनिवार्यतः अधिप्रमाणित करवाने होंगे। साथ ही 6 तथा 7 दिसम्बर को प्रिंट मीडिया में प्रकाशित होने वाले विज्ञापनों के लिए भी अधिप्रमाणन अनिवार्य होगा। साथ ही ई पेपर में प्रकाशित विज्ञापनों को भी सक्षम स्तर पर अधिप्रमाणित करवाना होगा। नियमों की अनुपालना नहीं होने पर सम्बंधित के विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।
खर्च व्यय पर रहेगी नजर
डाॅ. गुप्ता ने बताया कि विधानसभा चुनाव के अभ्यर्थी चुनाव प्रचार पर अधिकतम 28 लाख रूपए व्यय कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि प्रत्याशियों को चुनाव खर्च के लिए नामांकन करने से कम से कम एक दिन पूर्व पृथक से बैंक खाता खोल कर उसका ब्यौरा निर्वाचन विभाग को उपलब्ध करवाना होगा। अभ्यर्थियों को समस्त खर्चे इसी बैंक खाते के माध्यम से किए जाने हांेगे, 20 हजार से अधिक नकद राशि खाते से नहीं निकाली जा सकेगी। अगर इससे अधिक का भुगतान करना हो तो अकांउट पे चैक के माध्यम से किया जाएगा तथा समस्त लेने देने की जानकारी निर्वाचन विभाग में देनी होगी। व्यय सीमा का उल्लंघन नहीं हो इसके लिए कड़ी निगरानी की व्यवस्था की गई है।
नाम निर्देशन में 5 से अधिक व्यक्ति नहीं हो सकेंगे शामिल 
जिला निर्वाचन अधिकारी ने सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों तथा नाम निर्देशन पत्र दाखिल करने वालों से आग्रह किया है कि विधान सभा चुनाव 2018 के नाम निर्देशन प्रस्तुत करने वाले उम्मीदवार सहित 5 से अधिक व्यक्तियों को संबंधित रिटर्निंग अधिकारी के यहां प्रवेश नहीं दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि नाम निर्देशन पत्र लेने वाले अधिकारी के कार्यालय के बाहर लगे बैरिकेटिंग तक ही 5 से अधिक व्यक्ति साथ रह सकते है। बैरिकेटिंग के बाद उम्मीदवार सहित 5 से अधिक व्यक्तियों का प्रवेश आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन माना जाएगा।
निजी सम्पति पर बिना लिखित अनुमति के प्रचार सामग्री न लगाएं
डाॅ. गुप्ता ने बताया कि विधानसभा चुनाव के तहत अभ्यर्थी या राजनीतिक दल किसी निजी सम्पत्ति पर अपने बैनर या झंडे लगवा कर चुनाव प्रचार-प्रसार करना चाहते हैं तो इसके लिए सम्बंधित मालिक से लिखित स्वीकृति लेना अनिवार्य होगा। उन्होंने बताया कि मालिक की लिखित स्वीकृति के बाद लगाए जाने वाले बैनर या झंडे के खर्चे सहित पूर्ण विवरण एवं लिखित सहमति की प्रति अभ्यर्थी द्वारा सम्बंधित रिटर्निंग अधिकारी को 3 दिन में प्रस्तुत करनी होगी।
रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक सोशल मीडिया पर नहीं किया जा सकेगा प्रचार
जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि धारा 144 दण्ड प्रक्रिया संहिता के तहत आदर्श आचार संहिता के तहत 13 दिसम्बर 2018 तक चुनाव प्रचार के उद्देश्य से टेलीफोन व मोबाईल के माध्यम से रात 10 बजे से प्रातः 6 बजे तक प्रचार नहीं किया जा सकेगा। यदि किसी व्यक्ति, अभ्यर्थी, राजनीतिक दल द्वारा ऐसा कृत्य किया गया तो सम्बन्धित के विरूद्ध धारा 144 के तहत कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।
कर्मचारी राजनैतिक गतिविधियों से रहें दूर  
केन्द्र और राज्य सरकार के कर्मचारियों को चुनाव के दौरान निष्पक्ष रहना होगा तथा वे किसी प्रकार की राजनैतिक गतिविधि में भाग नहीं ले सकेंगे अन्यथा संबंधित कर्मचारी के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी। जिला निर्वाचन अधिकारी डाॅ. एन.के.गुप्ता ने बताया कि चुनाव की घोषणा के बाद आयोजित होने वाली आम सभाएं आम तौर पर राजनीतिक दलों अथवा अभ्यर्थियों द्वारा आयोजित की जाती हैं। इनमें सरकारी कर्मचारी भाग नहीं ले सकेंगे। कानून व्यवस्था संधारण के लिए नियुक्त कर्मचारियों को इनमें भाग लेने की छूट रहेगी। किसी कार्मिक को निर्वाचन के संचालन या प्रबंधन से संबंधित किसी कर्तव्य पर नियुक्त किया जाता है तो वह अपने मताधिकार का उपयोग करने से भिन्न कोई ऐसा कार्य नहीं करेगा जो चुनाव आयोग द्वारा निषेध है।