मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा मेरी जाति का एक ही MLA है वो पता है कौन है ? देखें वीडियो

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Ashok gehlot




हैलो बीकानेर न्यूज़ नेटवर्क, hellobikaner.com  नदबई विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न विकास कार्यों का शिलान्यास एवं लोकार्पण समारोह में राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा की आज मैं मुख्यमंत्री हूं, मैं चाहता हूं कि हर कौम की मैं सेवा करूं, चाहे वो जाट हों, गुर्जर हों, कुशवाहा हों, जाटव हों, जो भी कौम के लोग हैं, ब्राह्मण हों, बनिया हों, कोई भी हों क्योंकि मैं इस बात को जानता हूं कि जातियों के आधार कोई मुख्यमंत्री नहीं बनते हैं।

 

गहलोत ने कहा मैं जानता हूं कि आज मैं मुख्यमंत्री हूं अगर छत्तीसों कौम मुझसे प्यार नहीं करतीं, मुझे आशीर्वाद नहीं देतीं, तो मुझे कैसे मुख्यमंत्री बनाया जाता 3-3 बार? 3-3 बार और सबसे बड़ी बात ये है कि मेरी जाति सैनी कहलाती है, कुशवाहा कहलाती है, माली कहलाती है, आप कल्पना करो कि मेरी जाति का एक ही एमएलए है।

 

 

गहलोत ने कहा असेंबली के अंदर एक ही है, वो कौन है मालूम है आपको? मेरी जाति का एक एमएलए है खाली असेंबली के अंदर एक एमएलए, कौन है बताइए आप…? वो मैं खुद ही हूं, आप बताइए कि मेरी जाति का एमएलए, आप मुझे बताइए… मैं कई बार सोचता रहता हूं खुद भी कि भई आप बताइए कि मैं कितना लकी आदमी हूं, मुझे, मैं कितना लकी हूं, सौभाग्यशाली हूं कि राजस्थान की जनता ने मुझे, मेरी कौम का एक एमएलए मैं खुद ही हूं, तब भी मुझे आप लोगों ने 3-3 बार मुख्यमंत्री बनाया है, तो मेरे लिए जाट हों, गुर्जर हों, राजपूत हों, कुशवाहा हों, ब्राह्मण हों, बनिया हों, कोई जाति के लोगो हों, मीणा हों, आप कल्पना कीजिए, मुझसे बड़ा सौभाग्यशाली आदमी कोई हो सकता है।

 

 

 

गहलोत ने कहा क्या जिसको जनता ने इतना प्यार दिया, विश्वास किया हाईकमान ने, इंदिरा गांधी जी ने, मैं इंदिरा गांधी जी के साथ में मंत्री था, राजीव गांधी जी के साथ में मंत्री था, नरसिम्हा राव जी के साथ में मंत्री था, 3 बार केंद्रीय मंत्री, 3 बार प्रदेश कांग्रेस का अध्यक्ष, 3 बार मैं एआईसीसी का महामंत्री, आप कल्पना कीजिए और 3 बार मुख्यमंत्री, इतना विश्वास मुझ पर हाईकमान कर रहे है, इसलिए कर रहे है कि राजस्थान के लोगों का प्यार, दुलार, आशीर्वाद मेरे साथ में है, मैं बहुत सौभाग्यशाली हूं और मेरी अंतिम सांस तक, मैंने संकल्प ले रखा है कि अंतिम सांस तक जो मेरी सेवा करने का संकल्प है कि सेवा ही कर्म है, सेवा ही धर्म है, उसी ढंग से मैं हमेशा, बचपन से मेरी नेचर रही है कि अंतिम व्यक्ति जो गांधी जी ने कहा था कि सबसे गरीब व्यक्ति कौन है, उसकी सेवा में सब सेवा आ जाती है।

 

 

गहलोत ने कहा मेरा प्रयास रहेगा कि राजस्थान के हर गरीब के आंसू पोंछूं, चाहे कोई कौम का हो, कोई धर्म का हो, ज्यादा गरीब कौन है एससी के दलित हैं, पिछड़े हैं, एससी, एसटी, ओबीसी, माइनॉरिटी के लोग होते हैं, या ईडब्ल्यूएस के होते हैं, चाहे वो ब्राह्मण हों, चाहे वैश्य हों, चाहे कोई भी हों, तो मेरा फर्ज बनता है कि मैं वो शासन करूं, सुशासन दूं राजस्थान के अंदर जिससे कि सबका भला हो और राजस्थान का विकास हो।