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झुंझुनू। किसान महापंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामपाल जाट ने हाल में किसानों की मांगों पर राज्य सरकार के साथ जयपुर में हुए समझौते को छलावा करार देते हुए कहा है कि इससे किसानों को कोई फायदा होने वाला नहीं है।
किसान अधिकार यात्रा लेकर आज यहां पहुंचे श्री जाट ने कहा कि गत दिनों जयपुर में हुआ समझौता किसानों के साथ छलावा है। उन्होंने कहा कि किसान ऋण माफी नहीं, ऋण मुक्ति की मांग कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि आगामी 23 दिसंबर को किसान जयपुर में बड़ी किसान रैली करेंगे। उन्होंने कहा कि जो समझौता हुआ है उससे किसानों को कोई फायदा होने वाला नहीं है। उन्होंने कहा कि गत दिनों सभी किसानों ने एकजुट होकर सरकार के साथ संघर्ष किया। जिसमें सरकार ने किसानों को मीठी गोली देकर उनके साथ सही न्याय नहीं किया।
श्री जाट ने कहा कि सरकार द्वारा किसानों को पचास हजार रुपए के ऋण माफ करने का झूठा झांसा देकर गुमराह किया गया। उन्होंने कहा कि सरकार ने किसानों के साथ वार्ता में किसानों के ऋण माफी के लिए पंजाब, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र एवं केरल राज्यों की तरह ऋण माफी के लिए एक उच्च स्तरीय समिति गठित कर अध्ययन कराए जाने की बात कही है। उन राज्यों के अध्ययन के आधार पर ही राजस्थान के किसानों का ऋण माफ किया जाएगा। जो सरकार का किसानों के प्रति एक दिखावा लगता है।
उन्होंने कहा कि सरकार किसानों की लागत मूल्य का पचास प्रतिशत खरीद मूल्य लागू करने की मांग पूरी कर दे, उससे किसान को ज्यादा फायदा होगा। इस अवसर पर आयोजित बैठक में निर्णय लिया गया कि किसानों के हित के लिए सरकार के साथ संघर्ष जारी रखना चाहिए। इस पर किसानों ने सहमति जताई कि आगामी 23 दिसंबर को पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरणसिंह जयंती पर किसान अपनी ताकत दिखाए तथा अपनी अधिकारों की लड़ाई के लिए रणनीति बनाकर सरकार के विरुद्ध संघर्ष जारी कर अपनी मांगे पूरी करानी चाहिए।
श्री जाट ने बताया प्रदेश के 39 किसान संगठन मिलकर यह अधिकार यात्रा निकाल रहे है। यात्रा पहले चरण में झुंझुनू, चूरू, हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर, नागौर तथा जयपुर जिले के दुदू में किसानों की बड़ी सभा के साथ आगामी 21 सितंबर को समाप्त होगी। इस मौके पर पूर्व विधायक नारायण बेड़ा, किसान बचाओ देश बचाओ संघर्ष समिति के प्रदेश संयोजक पंकज धनकड़, झुंझुनू जिले के किसान महासभा के जिलाध्यक्ष बंजरगलाल नेहरा, जिलाध्यक्ष राजेंद्र फौजी, समाजसेवी राजू जाखल, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष राकेश झाझडिय़ा, छात्रनेता सुमित बेनीवाल आदि मौजूद थे। 

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