नववर्ष का जश्न बनाने वाले लोग धर्म संस्कृति की परंपराओं को ना भूलें – साध्वी विद्यावती

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हैलो बीकानेर न्यूज नेटवर्क, चूरू, मदन मोहन आचार्य महाराणा प्रताप चौक सेठिया भवन में नव वर्ष का पहला दिन आध्यात्मिक समारोह के साथ मनाया गया। आचार्य महाश्रमण की शिष्या शासनश्री साध्वी विद्यावती प्रथम के सानिध्य में रविवार को उक्त कार्यक्रम हुआ, जिसमें दोनों क्षेत्रों के श्रावक श्राविकाओं की उपस्थिति रही।

 

 

 

इस अवसर पर साध्वी विद्यावती ने कहा कि आज महती आवश्यकता है कि जन-जन में मैत्री भावना का विकास हो। उन्होंने भाव निद्रा की व्याख्या करते हुए कहा कि व्भाव निद्रा का व्यक्ति के जीवन में बड़ा महत्व होता है। इसका सीधा संबंध आध्यात्मिक जागृति से होता है।

 

 

 

उन्होंने कहा कि अपने अपने तरीके से नववर्ष का जश्न मनाने वाले लोग धर्म संस्कृति की परंपराओं को ना भूले। कार्यक्रम का संयोजन करते हुए साध्वी सूर्य यशा ने उपस्थित श्रद्धालुओं को विभिन्न जीवन दर्शन नियमों की जानकारी देते हुए विभिन्न संकल्प भी करवाएं।

 

 

कार्यक्रम का आगाज तेरापंथ युवक परिषद के सदस्यों के मंगलाचरण से हुआ। तेरापंथ महिला मंडल के सदस्याओं ने गीतिकाओं की प्रस्तुति दी व ज्ञानशाला के छोटे छोटे बालकों ने अध्यात्मिक संस्कारों तथा कन्या मंडल की बालिकाओं ने आवेश को विराम से संबंधित नाटिकाओं का मंचन किया। सेवाभावी वरिष्ठ पत्रकार श्याम जैन ने सम्मेद शिखर प्रकरण की चर्चा करते हुए पूरी जानकारी दी।

 

 

 

उन्होंने समाज से अनुरोध किया कि सम्मेद शिखर बचाओ आंदोलन में समग्र समाज को साथ लेकर आवाज उठानी चाहिए। तेरापंथ युवक परिषद के मंत्री किशन धाडेवा ने कार्यक्रमों से संबंधित पुरस्कारों की जानकारी दी। अमर चंद कोठारी, धर्मचंद कोचर, संदीप घोड़ावत, प्रमोद दूगड़, तेरापंथ महिला मंडल की अध्यक्ष प्रेमदेवी कोचर, मंत्री उषा दूगड़ तथा कुसुम देवी धाड़ेवा की भी कार्यक्रम में भागीदारी रही।