शहर की संस्कृति को छायाकार ही जिन्दा रख सकते हैं : राकेश कौशल

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बीकानेर। ऊंट उत्सव पर जिला प्रशासन,पर्यटन विभाग, स्टेट बैंक ऑफ बीकानेर एंड जयपुर तथा लोकायन संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में जूनागढ़ में आयोजित फोटो प्रदर्शनी सोमवार को पारितोषिक वितरण के बाद संपन्न हुई। प्रदर्शनी में नगर के 37 युवा छायाकारों ने ऊंट उत्सव,बीकानेर की कला,संस्कृति,वन्य जीव, ,खान-पान,जन जीवन आदि विविध विषयों के चित्र प्रदर्शित किए थे।

प्रदर्शनी के समापन पर मुख्य अतिथि स्टेट बैंक ऑफ बीकानेर एण्ड जयपुर के उप महाप्रबंधक राकेश कौशल ने कहा कि युवा छायाकारों ने बीकानेर की कला, संस्कृति,वास्तु शिल्प तथा जन जीवन को अपने छायाचित्रों में प्रदर्शित किया है। किसी शहर की संस्कृति को उसके युवा ही जिन्दा रख सकते हैं। युवाओं ने बेहतरीन चित्राें के माध्यम से बीकानेर के वैभव को सजीव कर देशी-विदेशी पर्यटकों तक पहुंचाया है।
पर्यटन विभाग की सहायक निदेशक भारती नैथानी ने कहा कि प्रदर्शित चित्रों को पर्यटन विभाग के विभिन्न प्रचार माध्यमों के माध्यम से देश-विदेश तक पहुंचाया जाएगा। लोकायन संस्थान के गोपाल सिंह ने आयोजन के महत्व को उजागर करते हुए प्रदर्शित छायाचित्रों की मुक्तकंठ से सराहना की। मधुर व्यास व अनिल अरोड़ा ने युवा छायाकारों की कार्यशाला आयोजित करने तथा वीडियोग्राफी के माध्यम से नगर के वैभव को उजागर करने का सुझाव दिया। इस अवसर पर दर्शकों की रैटिंग व अतिथियों के सुझाव के बाद सिद्धार्थ डागा को प्रथम, शरद बिस्सा को द्वितीय तथा रिजवान अली के छाया चित्र को तीसरा पुरस्कार दिया गया। सिद्धार्थ डागा के विदेश में रहने के कारण उनकी रिश्तेदार ने पुरस्कार हासिल किया। समारोह में बीकानेर हैरिटेज वॉक के दौरान युवा छायाकारों द्वारा खींचे गए चित्रों एवं यात्रा के संस्मरण व विशिष्टताओं को शब्दों में ढालने की फूडी देवता प्रतियोगिता आयोजित की गई। प्रतियोगिता में ज्वाला दाधीच प्रथम, भारती मोहन व अजो श्वेता ने क्रमशः पहला, दूसरा व तीसरा स्थान प्राप्त किया। अतिथियों ने फूडी देवता प्रतियोगिता के विजेताओं को भी पुरस्कृत किया। पर्यटन अधिकारी पुष्पेन्द्र सिंह ने धन्यवाद ज्ञापित किया।