HelloBikaner
BREAKING NEWS
• बीकानेर के इस थाना क्षेत्र में हुई बुजुर्ग की हत्या, मौके पर पहुंची पुलिस, पढ़ें न्यूज़ • भगवान महावीर जयंती पर होंगे अनेक कार्यक्रम तैयारियां जोरों पर • बंगाल के लोगों के अधिकार किसी भी हाल में छीने नहीं जा सकते • 15 से 29 साल की उम्र है तो ले इस प्रतियोगिता में हिस्सा • सिलेंडरों की मारामारी के बीच कांग्रेस-भाजपा • बीकानेर के इस थाना क्षेत्र में हुई बुजुर्ग की हत्या, मौके पर पहुंची पुलिस, पढ़ें न्यूज़ • भगवान महावीर जयंती पर होंगे अनेक कार्यक्रम तैयारियां जोरों पर • बंगाल के लोगों के अधिकार किसी भी हाल में छीने नहीं जा सकते • 15 से 29 साल की उम्र है तो ले इस प्रतियोगिता में हिस्सा • सिलेंडरों की मारामारी के बीच कांग्रेस-भाजपा

इस सप्ताह की सुर्खियां:: निराशाओं के गुबार छोड़ चले सीएम, शहर की सरकार के दावेदार

Bikaner
8 hours ago
निराशाओं के गुबार छोड़ चले सीएम,  शहर की सरकार के दावेदार

इस सप्ताह की सुर्खियां:

हैलो बीकानेर। सूबे के सीएम भजनलाल स्वाधीनता दिवस पर बीकानेर आए और निराशाओं के गुबार छोड़ते लौट भी गए। सामान्यतौर पर सरकार के आने पर जिस तरह से अपेक्षाएं की जाती है। की गई। लेकिन सब कुछ तयशुदा था और तय यह था कि यह कार्यक्रम पूरी तरह से सरकारी तरीके से होगा, इसे राजनीतिक रंग दिए जाने से जैसे मनाही हो।

मुख्यमंत्री ने संवाद भी किया तो सिखाए हुए युवाओं से, जिन्हें सवाल पूछने की भी रिहर्सल करवाई गई। मेडिसिन विंग का उद्घाटन करने के बाद अपेक्षा थी कि यहां का कामकाज सुचारू होगा, लेकिन सोनोग्राफी मशीन को लेकर परेशानियां सामने आने लगी है। सरकार ने अगर यहंा पर्याप्त स्टाफ उपलब्ध नहीं करवाया तो मरीज बद्दुआएं देंगे, यह तय है। अलबत्ता, इस विंग का श्रेय लेने के लिए पूर्वमंत्री डॉ. बी. डी. कल्ला ने खूब मीडियाबाजी की। 

डॉ. कल्ला अगले चुनाव की तैयारी में लग चुके हैं। उनका इतिहास रहा है कि वे जिस भी प्रत्याशी से हारते हैं, उसे फिर हराते हैं। इस बार डॉ. कल्ला जेठानंद व्यास से हारे थे, इसलिए अगले चुनाव में वे चाहते हैं कि जेठांनद व्यास को टिकट मिले और कांग्रेस का टिकट उनको ही मिले। टिकट लाने में डॉ. कल्ला का कोई सानी नहीं है। एक ही पार्टी से एक ही विधानसभा के लिए टिकट लाने वाले डॉ. कल्ला संभवतया देश के चुनिंदा प्रत्याशियों में होंगे, जिनका टिकट कटने के बाद भी मिला और जिसे मिला, उसका टिकट काट दिया गया। ऐसे में चौक में चर्चा है कि अगली बार जेठानंद व्यास जीत पाएंगे क्या। इस सवाल का जवाब जेठांनद व्यास ने पिछले दिनों तीरंदाजी प्रतियोगिता में दिया कि उन्होंने नहीं भाजपा ने कल्ला को हराया है। यानी सारा दारोमदार भाजपा पर है, यह भी कि इस बार टिकट किसे मिलता है।

लेकिन विधानसभा चुनाव बहुत दूर की बात है। अभी तो शहरों की सरकार बनने वाली है। आचार संहिता लागू होने से पहले ही दावेदार सामने आने शुरू हो गए हैं। बीकानेर महापौर ओपन फॉर ऑल है। यानी जो हर प्रकार से ताकतवर होगा, वही बनेगा मेयर। मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में कार्यकर्ताओं को टिकट देने की नसीहत दे गए हैं। कांग्रेस ने भी तैयारियां शुरू कर दी है। बीकानेर का जिला प्रमुख पद महिला के लिए आरक्षित है। नोखा, खाजूवाला और लूनकरणसर पालिका ओबीसी, देशनोक और श्रीडूुगरगढ़ पालिका सामान्य और नापासर पालिका में अनुसूचित जाति महिला के लिए अध्यक्ष की कुर्सी आरक्षित हो चुकी है।

बीकानेर में मेयर का चुनाव जीते हुए पार्षदों में से होगा। इसलिए पार्षद पद के प्रत्याशियों के चयन के लिए बड़े स्तर पर कसरत होगी। इस कसरत में भाजपा और कांग्रेस संगठन हाशिये पर जाता हुआ दिखाई देता है, क्योंकि दोनों ही संगठनों के नेतृत्व के पास जरूरी अनुभव और नेतृत्व क्षमता नहीं है। ऐसे में भाजपा में मोटे तौर पर अर्जुन मेघवाल और जेठानंद व्यास टिकट बांटते नजर आ रहे हैं तो कांग्रेस में डॉ. बी. डी. कल्ला गुट के हाथ में कमान रहनी है, मुकाबला रोचक होने की पूरी संभावना बन रही है।

भाजयुमो के कार्यकर्ताओं की कांग्रेस कार्यालय में चढ़ाई का फैसला भी कम रोचक नहीं रहा है। दिल्ली के कांग्रेस कार्यालय में स्वाधीनता दिवस पर वंदेमातरम गीत के कथित अपमान को लेकर शुरू हुए विवाद का असर बीकानेर में देखने को मिला। कांग्रेस और भाजपा के कार्यकर्ता आमने-सामने हो गए।

सीएम के आने के साथ ही सिटी बसें चलनी थी। पांच शुरू हो चुकी है। स्कूलों में वीडियोग्राफी आदि पर प्रतिबंध लगा दिया गया है ताकि अनावश्यक परेशानियों से स्कूलों को बचाकर शैक्षणिक माहौल बनाया जा सके। सरकार के इस आदेश का विरोध हो रहा है, लेकिन जब से न्यायालय ने भी जिस के हाथ में मोबाइल है, वह पत्रकार वाली स्थिति पर चिंता जताई है, शासन-प्रशासन सजग हो गया है। नशे के विरुद्ध पुलिस का अभियान जारी है। इस बीच मुक्ताप्रसाद नगर के एक खंडहरनुमा घर में अजय मौर्य नाम के युवक की लाश मिली है। प्रथम दृष्टया यह मामला नशे की ओवरडोज का बताया जा रहा है।
कोई तो मुकर गया होगा अपनी जुबां से
वरना दस्तखत का रिवाज क्यों आता

Join for Latest News

हमारे चैनल से जुड़ें और सभी अपडेट सबसे पहले पाएँ

Tags: #बीकानेर, सीएम भजनलाल, स्वाधीनता दिवस
Share: