इस सप्ताह की सुर्खियां: आत्महत्या और हत्याओं का सप्ताह, निकाय चुनाव : आया छोटे नेताओं का मौसम
हरीश बी शर्मा
इस सप्ताह की सुर्खियां
हैलो बीकानेर। यह सप्ताह कई परिवारों और परिजनों के लिए हृदयविदारक रहा। आत्महत्या और हत्याओं और दुर्घटनाओं के बीच मौत का ऐसा कोहराम मचा कि हर कोई सकते में था कि बीकानेर को हुआ क्या है। एक बाप ने अगर बेटी का रिश्ता कहीं कर दिया तो उसके भाई नाराज थे और बातचीत पंचायत तक पहुंची, लेकिन बात नहीं बनी, इस बीच एक दिन छत्तरगढ़ में तीन लोगों की हत्या हो गई।
रहमत, सिकंदर और गुलाम नबी पर अलीशेर, जिंदू खां और करीम की हत्या का आरोप है। नोखा में नशे के विवाद में छोटे भाई ने बड़े भाई हुकमचंद को मार दिया। कोतवाली क्षेत्र में एक दोस्त पर अपने दोस्त की तौलिये से गला घोंटकर हत्या करने का आरोप है। साबिर और हुसैन के बीच सामान्य बातचीत ऐसी बढ़ गई कि हुसैन ने साबिर का गला घोंट दिया। बाद में हुसैन को पुलिस ने डिटेन कर लिया गया।
इस बीच श्रीडूंगरगढ़ में स्लीपर बस और बोलेरो की टक्कर में तीन जिंदगियां तबाह हो गई। हत्या और मौतों के बीच आत्महत्या का एक सनसनीखेज मामला सामने आया, जिसमें 13 साल के किशोर ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। इस से डरी हुई 15 साल की बहन को कुछ नहीं सूझा तो उसने चूहे मारने की दवा पी ली। दोनों भाई-बहनों के बीच क्या हुआ होगा-रामजाने, लेकिन माता-पिता को जरूर मलाल रहेगा कि ऐसा भी पैसा कमाना क्या ही जरूरी था।
इस बीच अपराधियों के बढ़े हुए हौसलों पर लगाम लगाने के लिए गैंगस्टर रोहित गोदारा के साथी माने जाने वाले हरिओम रामावत के घर के आगे वाले हिस्से पर बुलडोजर चला। जमानत पर छूटकर आए प्रिंस नायक के चाहने वालों ने जुलूस निकाला तो प्रिंस को फिर से जेल भेजा गया।
कोर्ट के आदेशों के बाद जब यह तय है कि निकाय और पंचायत के चुनाव नवंबर तक हो चुके होंगे, पार्षद का चुनाव लडऩे की चाहना रखने वाले प्रत्याशी अलर्ट मोड पर आए हुए हैं। इस चुनाव में जो भी लडऩे के लिए उतरता है, वह अपने आपको छोटा नेता मान लेता है। कुछ लोग तो दशकों से वार्ड बदल-बदलकर लड़ रहे हैं, फिर भी जीतते जा रहे हैं। कुछ लोगों के अनुकूल वार्ड का परिसीमन नहीं होने पर अपने नाम पर किसी दूसरे को चुनाव लड़ा रहे हैं, लेकिन फिर भी जीत रहे हैं। वार्ड पार्षद चुनाव में किस तरह के समीकरण काम करते हैं, यह अभी तक समझ से परे हैं। देखना यह है कि इस बार मेयर कौन बनता है।
कांग्रेस की राजनीति में इन दिनों उथल-पुथल का दौर है। दीर्घावधि तक विधायक रहने पर सम्मानित होकर लौटे डॉ. बी.डी. कल्ला का स्वागत समारोह रखा गया। इस बहाने डॉ. कल्ला मुख्यमंत्री भजनलाल से भी मिल आए। सम्मान लेकर लौटने पर बीकानेर रेलवे स्टेशन पर उनका सम्मान रखा गया, लेकिन इस बीच राहुल गांधी के साथ हुई बदसलूकी के विरोध में बीकानेर में पुतला दहन किया गया। डॉ. बी.डी. कल्ला विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए। उमा सुथार को भी ओबीसी की नेता के रूप में कांग्रेस ने अवसर दिया है। ओबीसी महिला विंग की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में सदस्य बनाया है। भाजपा के संगठन महामंत्री अजयकुमार का दौरा कुछ फीका-फीका रहा है।
इस बीच बिश्नोई समाज ने खेजड़ी बचाने के लिए कानून लागू करने की मांग रखी, लेकिन इस प्रेस कांफ्रेंस में बिहारीलाल बिश्नोई के गायब रहने से जुड़ा सवाल आयोजकों को निरुत्तर करने वाला रहा। अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति ने केंद्र सरकार से महिलाओं के लिए आरक्षण की मांग की। चौखूंटी ओवरब्रिज के नीचे सर्विस रोड बनाने की मांग पर दो नेता विक्रम राजपुरोहित और अयूब कायमखानी अड़ गए।
आखिरकार प्रशासन ने बातें मानीं। परेशान निजी विद्यालय के लिए सरकार के नियम सिरदर्दी साबित हो रहे है। शिक्षा निदेशालय पर प्रदर्शन को देखते हुए दरवाजे बंद करवा दिए गए। चौमासा शुरू होने को है। मौसम में कोई सुधार नहीं नजर आ रहा है। हालांकि बारिश की कुछ बूंदें बीकानेर को नसीब हुई है, लेकिन मेघ जमकर बरसे नहीं है अभी तक। आषाढ़ निकलने के बाद सावन-भादवे की लोर शुरू होने वाली है। मांगलिक कार्यों पर रोक रहेगी और लोग हरिभजन में रहेंगे। 22 नवंबर को देवउठनी ग्यारस है, देवता जागेंगे तो कामकाज शुरू होंगे। मतलब चार महीने का यह दौर जगा-बुझा सा रहना है।
जगन्नाथ रथयात्रा पहले बीकानेर में एक ही निकलती थी, अब दूसरा आयोजन इस्कॉन वाले कर रहे हैं। धर्म-अध्यात्म के मामले में बीकानेर में काफी संभावनाएं हैं। गुरुपूर्णिमा भी इसी सप्ताह है, लोग अपनी श्रद्धा व्यक्त करेंगे। सच ही कहा है कि गुरु की महिमा भगवान से भी ऊपर है। बशर्ते की गुरु में गुरुत्व हो।
गुरु गोविंद दोऊं खड़े, काके लागूं पाय
बलिहारी गुरु आपने गोविंद दियो बताय
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