अगले छह से सात दिनों में कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश के अनुमान: मौसम विभाग
(एजेंसी) आगामी छह से सात दिनों के दौरान पश्चिम बंगाल के पहाड़ी क्षेत्रों, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने आसार हैं, जबकि अगले तीन से चार दिनों के दौरान महाराष्ट्र के मराठवाड़ा और विदर्भ क्षेत्रों में कुछ जगहों पर लू चलने का अनुमान है।
मौसम विभाग के रविवार को जारी बुलेटिन के मुताबिक दक्षिण-पश्चिम मानसून लगातार आगे बढ़ रहा है और इसकी उत्तरी सीमा हरनाई (महाराष्ट्र) सोलापुर (महाराष्ट्र), हैदराबाद (तेलंगाना) भद्राद्री कोठागुडेम (तेलंगाना), कलिंगपट्टनम (आंध्र प्रदेश), पारादीप (ओडिशा), पारीपदा (ओडिशा), पुरुलिया (पश्चिम बंगाल), धनबाद (झारखंड) और मुजफ्फरपुर (बिहार)से होकर गुजर रही है। अगले चार से पांच दिनों के दौरान महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल के बाकी हिस्सों के साथ-साथ ओडिशा, झारखंड, बिहार और दक्षिण छत्तीसगढ़ में मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल हैं।
पिछले 24 घंटों के दौरान बिहार और त्रिपुरा में कुछ स्थानों पर 12 से 20 सेमी तक भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की गई है। इसके अलावा पश्चिम बंगाल, पूर्वी उत्तर प्रदेश, ओडिशा, मेघालय, तेलंगाना, रायलसीमा और केरल में भी भारी बारिश हुई, जबकि ओडिशा, पश्चिमी मध्य प्रदेश, झारखंड, मराठवाड़ा और बिहार में 60 से 90 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी-तूफान देखा गया। इस दौरान देश में सबसे अधिक तापमान गुजरात के भावनगर में 41.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि कोंकण, गोवा और मध्य महाराष्ट्र में दिन का तापमान सामान्य से काफी ऊपर रहा।
क्षेत्रीय पूर्वानुमान के अनुसार हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और उत्तराखंड में 14 से 20 जून के बीच हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 14-15 जून को धूलभरी आंधी और बिजली कड़कने के आसार हैं, जबकि राजस्थान में 15 जून को 60 से 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ आ सकता है। मध्य प्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़ में इस दौरान गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है।
दूसरी तरफ, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह तथा पश्चिम बंगाल के पहाड़ी इलाकों और सिक्किम में अगले एक सप्ताह तक व्यापक बारिश होगी। बिहार में 16 जून को भारी बारिश की संभावना है, वहीं अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में 17 से 19 जून के बीच मूसलाधार बारिश का अनुमान है। तटीय कर्नाटक, केरल, कोंकण और गोवा में भी इस दौरान व्यापक स्तर पर बारिश होने का अनुमान है।
दिल्ली और आसपास के इलाकों में मौसम के मिजाज की बात करें तो 14 जून की शाम या रात के समय आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और धूलभरी आंधी के साथ हल्की बारिश हो सकती है, जिससे हवा की रफ्तार 40 से 50 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। इस दौरान दिल्ली में अधिकतम तापमान 38 से 40 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा। इसके बाद 15 और 16 जून को भी दोपहर या शाम के समय गरज-चमक के साथ मौसम बदलने की संभावना है और तापमान 38 से 41 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। हालांकि 17 जून से दिल्ली और उसके आसपास के इलाकों के तापमान में बढ़ोतरी होगी और यह 40 से 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जिससे गर्मी का प्रकोप बढ़ेगा।
मौसम विभाग ने आंधी-तूफान और भारी बारिश को देखते हुए आम जनता के लिए जरूरी सावधानी बरतने की सलाह दी है। तेज हवाओं के कारण पेड़ों की टहनियां टूटने और कच्चे मकानों को नुकसान पहुंचने की आशंका है, इसलिए खराब मौसम के दौरान लोगों को घरों के अंदर रहने, बिजली के उपकरणों से दूर रहने और पेड़ों के नीचे शरण न लेने को कहा गया है।
शहरी इलाकों में जलभराव और पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन की आशंका को देखते हुए लोगों को यात्रा करने से पहले ट्रैफिक परामर्शों पर ध्यान रखने की सलाह दी गई है। किसानों को खेतों में जल निकासी का उचित प्रबंध करने को कहा गया है ताकि फसलों को नुकसान न हो। विदर्भ और मराठवाड़ा जैसे गर्म क्षेत्रों के लिए विभाग ने सलाह दी है कि लोग धूप में लंबे समय तक काम करने से बचें और शरीर में पानी की कमी न होने दें।
समुद्र में उठने वाली तेज लहरों और खराब मौसम को देखते हुए मछुआरों को 14 जून से 19 जून तक मन्नार की खाड़ी, श्रीलंका तट, बंगाल की खाड़ी और अरब सागर के तटीय इलाकों में न जाने की सख्त हिदायत दी गई है।
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