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ग्रामीण मजदूरी के आंकड़ों में सरकार कर रही है हेराफेरी : कांग्रेस

1 month ago
ग्रामीण मजदूरी के आंकड़ों में सरकार कर रही है हेराफेरी : कांग्रेस

(एजेंसी) कांग्रेस ने कहा है कि मोदी सरकार ग्रामीण मजदूरी के आंकड़ों में हेराफेरी से कृत्रिम वृद्धि का भ्रम पैदा कर रही है, जबकि वास्तविक मजदूरी वृद्धि पिछले चार वर्षों में सबसे कमजोर स्तर पर है। कांग्रेस संचार विभाग के प्रभारी जयराम रमेश ने सोमवार को सोशल मीडिया एक्स पर लिखा कि कांग्रेस ने 2024 में ही आगाह कर दिया था कि सरकार ने रिजर्व बैंक के माध्यम से रोजगार की परिभाषा बदलकर वित्त वर्ष 2018 के बाद 16.8 करोड़ नई नौकरियां सृजित होने का दावा किया था। अब सरकार ग्रामीण मजदूरी के आंकड़ों के साथ भी वैसा ही खेल कर रही है।

 

उन्होंने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था की सुस्ती का मूल कारण वास्तविक मजदूरी का ठहराव है, जिससे उपभोग वृद्धि घटी है और निजी निवेश प्रभावित हुआ है। इसका असर देश के श्रमिक वर्ग पर भी पड़ा है। श्री रमेश ने आरोप लगाया कि जून 2025 से मार्च 2026 के बीच ग्रामीण मजदूरी वृद्धि दर में दिखाई गई तेज बढ़ोतरी कार्यप्रणाली में बदलाव का परिणाम है। उनका यह भी कहना है कि श्रम ब्यूरो ने बिना किसी सार्वजनिक सूचना के नया सैंपलिंग ढांचा अपनाया जिसके तहत पूर्वोत्तर के कई राज्यों, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली और गोवा के श्रमिकों को नमूने में शामिल किया गया। उनके अनुसार इन क्षेत्रों की औसत मजदूरी पुराने नमूने की तुलना में 50 से 55 प्रतिशत अधिक है, जिससे आंकड़ों में कृत्रिम उछाल दिखाई दे रहा है। उन्होंने दावा किया कि वास्तविक मजदूरी वृद्धि दर लगभग 4.3 प्रतिशत है, जो पिछले चार वर्षों में सबसे कमजोर वृद्धि है और यह पूरा मामला "आंकड़ों में हेराफेरी की राजनीति" को दर्शाता है।

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