HelloBikaner
BREAKING NEWS
• बीकानेर के इस थाना क्षेत्र में हुई बुजुर्ग की हत्या, मौके पर पहुंची पुलिस, पढ़ें न्यूज़ • भगवान महावीर जयंती पर होंगे अनेक कार्यक्रम तैयारियां जोरों पर • बंगाल के लोगों के अधिकार किसी भी हाल में छीने नहीं जा सकते • 15 से 29 साल की उम्र है तो ले इस प्रतियोगिता में हिस्सा • सिलेंडरों की मारामारी के बीच कांग्रेस-भाजपा • बीकानेर के इस थाना क्षेत्र में हुई बुजुर्ग की हत्या, मौके पर पहुंची पुलिस, पढ़ें न्यूज़ • भगवान महावीर जयंती पर होंगे अनेक कार्यक्रम तैयारियां जोरों पर • बंगाल के लोगों के अधिकार किसी भी हाल में छीने नहीं जा सकते • 15 से 29 साल की उम्र है तो ले इस प्रतियोगिता में हिस्सा • सिलेंडरों की मारामारी के बीच कांग्रेस-भाजपा

इस सप्ताह की सुर्खियां: राजनीति अब गांवों की ओर, क्रॉस वोटिंग का मसला पहुंचा ऊपर तक

7 hours ago
राजनीति अब गांवों की ओर, क्रॉस वोटिंग का मसला पहुंचा ऊपर तक

इस सप्ताह की सुर्खियां

हैलो बीकानेर। पिछले दिनों बैंककर्मियों की हड़ताल सरकार की गुगली का शिकार हो गई। जोर-शोर से सोमवार से हड़ताल करने का दावा करने वाले बैंककर्मियों ने अपनी मांगों को लेकर खूब प्रचार-प्रसार किया। 28 को वाहन रैली करेंगे। 29 को पुतला फूंकेंगे और तीस को मानव शृंखला बनाएंगे, जैसे कार्यक्रमों की घोषणा की। सरकार ने इस घोषणा को देखते हुए निर्देश जारी कर दिए कि बैंक रविवार यानी 27 सितंबर को खुले रहेंगे। बैंक खुले और इसमें रोचक तथ्य यह कि 28 को भी बैंक खुले, क्योंकि हड़ताल वापस ले ली गई। हड़ताल वापस लेने के क्या कारण रहे, इसे लेकर दो तरह की बातें हैं, लेकिन इस हड़ताल में 'छुट्टियां प्लानÓ करने वालों के सारे मंसूबे जरूर धराशायी हो गए।

जाते मानसून में बना वैस्टर्न डिस्टर्बेंस इस बात को बल दे गया कि सर्दी की आहट हो चुकी है। हालांकि, दूसरे ही दिन से फिर वही गर्मी शुरू हो गई। राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया का बीकानेर दौरा यहां चल रहे चातुर्मास कार्यक्रमों के दौरान हुए जैन साहित्य संगम सहित अनेक कार्यक्रमों के लिए हुआ। इस दौरान बीकानेर में अपने प्रिय-पात्र गोपाल गहलोत के बुलावे पर हीरेश्वर महादेव मंदिर भी पहुंंचे। गुलाबचंद कटारिया अब एक संवैधानिक पद पर है, लेकिन वे जब भी बीकानेर आते हैं, यहां के खट्टे-मीठे अनुभव याद आ ही जाते हैं, ऐसे में गोपाल गहलोत को भुला पाना कहां मुमकिन है।  इस बीच गोपाल गहलोत भाजपा से कांग्रेस में भी हो आए। इन दिनों गोपाल गहलोत के साथ एक चर्चा भी जुड़ी हुई है कि उन्होंने भाजपा के उपमहापौर प्रत्याशी पंकज गहलोत को जीता दिया। इसकी एक दिखती वजह पंकज का गहलोत होना ही माना जा रहा है जबकि भाजपा का एक धड़ा इस बात को सिरे से खारिज कर रहा है। यहीं पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का सवाल भी लाजिमी लगता है कि मेयर का चुनाव क्यों हारे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों के साथ हुए संवाद के कार्यक्रम को ऑनलाइन अटैंड करने बीकानेर आए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जब भाजपा कार्यकर्ताओं से यह सवाल पूछा तो कहा गया कि प्रत्याशी का नाम ऊपर से आया, जिस पर यहां सहमति नहीं बन पाई। अलबत्ता, भाजपा के प्रत्याशी रहे सुरेंद्रसिंह शेखावत ने अपनी हार के कारणों पर एक समीक्षा रिपोर्ट सीएम को प्रस्तुत की है।

बहरहाल, अनिल कल्ला और पंकज गहलोत ने बतौर मेयर और डिप्टीमेयर काम शुरू कर दिया है। कल्ला शहर में झाड़ू लेकर निकल चुके हैं। उनके बयान भी चर्चित हो रहे हैं। विधायक जेठानंद व्यास के रेफरेंस से एक पत्रकार के सवाल पर उनका कहना कि तुलना तो ढंग के आदमी से करते, ने काफी चर्चा पाई है। ऐसा लग रहा था कि तुरंत प्रतिक्रिया देने के लिए मशहूर विधायक जेठानंद व्यास इस बात पर अपना जवाब देते, लेकिन अभी तक सार्वजनिक रूप से उनका कोई प्रत्युत्तर नहीं आया है, जिससे इस बयान को राजनीतिक रंग नहीं मिला है।

अपना डिप्टी-मेयर नहीं बना पाने के मलाल में अल्पसंख्यक समाज की बड़ी बैठक के बाद भी कोई निर्णय सामने नहीं आया है। कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष गोविंदसिंह डोटासरा और अशोक गहलोत से मुलाकात करके आए गुलाम मुस्तफा 'बाबू भाईÓ आश्वस्त हैं कि जांच होगी। बहरहाल, दोनों की दलों में महापौर और उपमहापौर के चुनाव में हुई क्रॉस-वोटिंग की जानकारी सीएम और पूर्व सीएम तक पहुंच चुकी है।

इसके अलावा शहर कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग पर बीकानेर में प्रदर्शन किया तो दूसरी ओर नगर निगम की कचरा संग्रहण व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। वजह है कचरा उठाने वाली कंपनी के साथ करार खत्म हो जाना और नए करार में दो अक्टूबर से काम शुरू होना। बहरहाल, शहर की सड़कों पर कचरे के ढेर पड़े हैं। बासते शहर से निकलना राहगीरों की मजबूरी है।

शहर से निकलकर राजनीति अब गांवों में पहुंच चुकी है। पंचायत राज की लॉटरी निकलने के बाद समीकरणों पर चर्चा होने लगी है। इस बीच नहरी पानी के लिए आंदोलन भी शुरू हो चुका है। रोहित गोदारा के नाम पर एक और धमकी जुगलनारायण सोनी के नाम से आई है, इससे पहले जुगल राठी, सुखदेव चायल, पीयूष शंगारी आदि को भी ऐसी धमकियां मिल चुकी हैं।

मेळे-मगरियों से फ्री हुए लोग काम पर लौट चुके हैं। गणपति भी अपने गंतव्य पर पहुंच गए हैं। नवरात्र शुरू होने वाले हैं। मंडप सजने लगे हैं।
या तो हमें मुकम्मल चालाकियां सिखाई जाए
या तो हमारे जैसों की अलग बस्तियां बसाई जाए

Join for Latest News

हमारे चैनल से जुड़ें और सभी अपडेट सबसे पहले पाएँ

Tags: #hellobikaner #बीकानेर #bikaner #surkhiya
Share: