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ग्रामीण बोले: कागज पर गुहार, जमीन पर इंतजार… स्कूल-अस्पताल की बदहाली पर कब होगी कार्रवाई?

17 hours ago
कागज पर गुहार, जमीन पर इंतजार… स्कूल-अस्पताल की बदहाली पर कब होगी कार्रवाई?

ग्रामीण बोले

हैलो बीकानेर न्यूज़, बज्जू। बीकमपुर के ग्रामीणों ने गांव में शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार की मांग को लेकर बज्जू उपखंड अधिकारी सांवरमल रैगर को एक महीने पहले एक ज्ञापन सौंपा था। ग्रामीणों ने राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय और राजकीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के नवीनीकरण व उन्नयन की अपील की थी । ज्ञापन में मुकेश पुरोहित हरखा ने बताया कि गांव का राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय लगभग 35 वर्ष पुराना है। उचित नवीनीकरण के अभाव में विद्यालय में बिजली, पानी, कक्षा-कक्षों के दरवाजे-खिड़कियां, खेल मैदान और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं की स्थिति खराब हो गई है।

 

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 उपखंड अधिकारी सांवरमल रैगर को एक महीने पहले मुकेश पुरोहित हरखा ने एक ज्ञापन सौंपा था, अभी तक कोई सुनवाई नही 

 

इसी तरह, राजकीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की स्थिति भी चिंताजनक है। अस्पताल भवन और परिसर का लंबे समय से रखरखाव नहीं हुआ है। यहां बिजली-पानी की व्यवस्था, कमरों के दरवाजे-खिड़कियां, मरीजों के लिए बेड, खून की जांच सहित अन्य जांच सुविधाओं की मशीनें और जनरेटर जैसी आवश्यक सुविधाओं का अभाव है। ग्रामीणों ने अस्पताल भवन के नवीनीकरण के साथ आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की। उन्होंने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में क्रमोन्नत करने की भी अपील की। बीकमपुर सीमावर्ती क्षेत्र में स्थित है और इससे आसपास के लगभग आठ से नौ गांव जुड़े हुए हैं। यह क्षेत्र तीन जिलों की सीमा के निकट होने के कारण यहां स्वास्थ्य सुविधाओं की विशेष आवश्यकता है।

 

 

 

ज्ञापन में 108 एम्बुलेंस सुविधा उपलब्ध कराने और पर्याप्त डॉक्टर व नर्सिंग स्टाफ नियुक्त करने की भी मांग की गई। आपात स्थिति में एम्बुलेंस न मिलने के कारण मरीजों को निजी वाहनों या बसों से उपचार के लिए ले जाना पड़ता है। बीकमपुर से बीकानेर, बज्जू, फलोदी, बाप और पोकरण जैसे प्रमुख स्थान लगभग 50 से 150 किलोमीटर दूर हैं, जिससे निजी वाहनों का किराया ग्रामीणों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालता है। ग्रामीणों ने कहा कि बीकमपुर क्षेत्र कई वर्षों से मूलभूत सुविधाओं के अभाव में पिछड़ा हुआ है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों और प्रशासन से क्षेत्र की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्र में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की, ताकि ग्रामीणों को बुनियादी सुविधाओं के लिए गांव से बाहर निर्भर न रहना पड़े।

अब वहाँ के ग्रामीणों का कहना है की जरा प्रशासन इधर भी ध्यान देवे 

 

 

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