HelloBikaner
BREAKING NEWS
• कोडमदेसर तालाब जीर्णोद्धार के कार्य में भक्तों की मेहनत रंग लाई • बीकानेर में बढ़ते सड़क हादसे: कब जागेगी जिम्मेदारी की चेतना? • गर्मी, संघर्ष और उम्मीद के बीच मुस्कुराता बीकानेर... • जाने आज के दिन की प्रमुख घटनाएं एवं विश्व इतिहास • ग्रामीण मजदूरी के आंकड़ों में सरकार कर रही है हेराफेरी : कांग्रेस • कोडमदेसर तालाब जीर्णोद्धार के कार्य में भक्तों की मेहनत रंग लाई • बीकानेर में बढ़ते सड़क हादसे: कब जागेगी जिम्मेदारी की चेतना? • गर्मी, संघर्ष और उम्मीद के बीच मुस्कुराता बीकानेर... • जाने आज के दिन की प्रमुख घटनाएं एवं विश्व इतिहास • ग्रामीण मजदूरी के आंकड़ों में सरकार कर रही है हेराफेरी : कांग्रेस

पूर्व सरपंच को मिली राहत, पांच से दस साल पुराने कार्यों का भुगतान स्वीकृत

nims
6 months ago
पूर्व सरपंच को मिली राहत, पांच से दस साल पुराने कार्यों का भुगतान स्वीकृत

हैलो बीकानेर न्यूज़ नेटवर्क, www.hellobikaner.com,                        बीकानेर। श्रीडूंगरगढ़ पंचायत समिति की बाना ग्राम पंचायत की तात्कालिक सरपंच मेनका देवी के कार्यकाल में वर्ष 2015 से 2020 के बीच करवाए गए विकास कार्यों के लंबित भुगतान की स्वीकृति मिल गई है। जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सोहनलाल के प्रयास से ग्रामीण विकास एवं पंचायत राज विभाग के शासन सचिव एवं आयुक्त ने राज्य वित्त आयोग-पंचम के तहत जिला परिषद मद से 29 लाख 38 हजार 466 रुपए ग्राम पंचायत को हस्तांतरित करने की अनुमति दी है।

मेनका देवी ने बताया कि वर्ष 2015 से 2020 के उनके कार्यकाल के दौरान क्षेत्र में विभिन्न विकास कार्य करवाए गए। लेकिन इनमें से लगभग 29 लाख रुपए के भुगतान की स्वीकृति नहीं मिल सकी। उन्होंने इसके लिए जिला परिषद और श्रीडूंगरगढ़ पंचायत समिति में भी कई बार पत्र व्यवहार किया और व्यक्तिगत स्तर पर भी प्रयास किए, लेकिन लंबित भुगतान की अनुमति नहीं मिली। यह कार्य करने वाली एजेंसियों द्वारा नियमित रूप से भुगतान की मांग की जाती रही। इसके फलस्वरूप भुगतान के लिए जमीन बेचने तक की नौबत आ गई और अपने स्तर पर भुगतान करने की स्थिति में दिवालिया होने का संकट आ गया।

 

 

उन्होंने बताया कि इस वर्ष अप्रेल में उन्होंने जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री सोहनलाल को पत्र प्रस्तुत कर बकाया भुगतान करवाने की मांग की। प्रकरण बहुत पुराना होने के कारण राज्य सरकार से इसकी अनुमति आवश्यक थी। मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने इसे प्राथमिकता से लिया और सक्षम स्तर पर आवश्यक पत्र व्यवहार किया। इसके फलस्वरूप यह अनुमति प्राप्त हुई। श्रीमती मेनका देवी ने इसे राहत भरा निर्णय बताया और इसके लिए राज्य सरकार एवं जिला परिषद का आभार जताया।

Join for Latest News

हमारे चैनल से जुड़ें और सभी अपडेट सबसे पहले पाएँ

Share: