भूगोल के विद्यार्थियों ने पेमासर गाँव में किया कृषि एवं घरेलू सर्वेक्षण, जाना ग्रामीण जीवन का यथार्थ
हैलो बीकानेर, बीकानेर। महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय के भूगोल विभाग के विद्यार्थियों ने व्यावहारिक एवं धरातलीय ज्ञान प्राप्त करने के उद्देश्य से निकटवर्ती पेमासर गाँव का एक दिवसीय विस्तृत क्षेत्रीय सर्वेक्षण किया। भूगोल विभागाध्यक्ष डॉ. प्रगति सोबती के कुशल निर्देशन में आयोजित इस शैक्षणिक भ्रमण के दौरान छात्र-छात्राओं ने ग्रामीण अंचल का दौरा कर कृषि रिपोर्ट और घरेलू सर्वेक्षण से जुड़े आंकड़े जुटाए।
इस शैक्षणिक दल के साथ विभाग के संकाय सदस्य डॉ. मीनाक्षी, डॉ. दीपाली, शौफिन अहमद, विदित वी. नाथ, गुमाना राम जाखड़, तुलछा राम और आदित्य उपस्थित रहे, जिन्होंने फील्ड में छात्र-छात्राओं का मार्गदर्शन किया और सर्वेक्षण की बारीकियों को समझाया। इस सर्वे का एक मुख्य उद्देश्य क्षेत्र के ऐतिहासिक संदर्भों को समझना भी था। इसी कड़ी में संकाय सदस्य तुलछा राम ने विद्यार्थियों को पेमासर गाँव के इतिहास, इसकी प्राचीन बसावट और सांस्कृतिक विरासत के बारे में विस्तार से जानकारी दी। छात्रों ने सीखा कि किसी भी क्षेत्र के भौगोलिक परिदृश्य को पूरी तरह समझने के लिए वहाँ के इतिहास को जानना कितना आवश्यक है। इसके बाद विद्यार्थियों ने विभिन्न ग्रामीण परिवारों से सीधा संवाद स्थापित किया और कृषि उत्पादन, फसल चक्र, सिंचाई की पद्धति तथा परिवारों के सामाजिक-आर्थिक जीवन स्तर से जुड़े आंकड़ों को संकलित किया।
विद्यार्थियों को मिला व्यावहारिक लाभ:
भूगोल शिक्षकों ने इस सर्वे के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि ऐसे फील्ड सर्वे विद्यार्थियों के लिए अत्यंत लाभकारी होते हैं। इससे छात्र पुस्तकीय ज्ञान को धरातल पर उतारना सीखते हैं। गाँव के इतिहास और भूगोल का एक साथ व्यावहारिक अध्ययन करने से विद्यार्थियों में शोध और विश्लेषण की क्षमता का चौमुखी विकास होता है। प्रत्यक्ष रूप से आंकड़े जुटाने से वे ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जल प्रबंधन और कृषि की समसामयिक चुनौतियों को भी गहराई से समझ पाते हैं। यह अनुभव भविष्य में उनके करियर और अनुसंधान कार्यों में मील का पत्थर साबित होगा।
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