बीकानेर: प्राईवेट स्कूल्स फेडरेशन का शिक्षा विभाग को अल्टीमेटम, पढ़ें न्यूज़
बीकानेर
हैलो बीकानेर। बीकानेर प्राइवेट स्कूल्स फेडरेशन ने सोमवार को शिक्षा निदेशक के नाम का ज्ञापन अतिरिक्त शिक्षा निदेशक, माध्यमिक शिक्षा शैलेन्द्र कुमार देवड़ा को सौंपकर प्राईवेट शिक्षण संस्थानों के साथ अपनाई जा रही 'दमनकारी नीतियों' के खिलाफ कड़ी नाराजगी व्यक्त की है।
फेडरेशन ने कड़ी चेतावनी दी है कि यदि 10 दिनों के भीतर उनकी जायज मांगों का समाधान नहीं किया गया, तो प्रदेश भर के प्राईवेट स्कूल्स बड़े आंदोलन का रुख करेंगे। फेडरेशन के सचिव गिरिराज खेरीवाल ने कहा कि राजस्थान के प्राईवेट स्कूल्स का राज्य की शिक्षा व्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान है, लेकिन उन्हें लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रशासनिक और शैक्षिक स्वायत्तता को सीमित करना न केवल असंवैधानिक है, बल्कि यह राज्य की शिक्षा व्यवस्था के लिए भी घातक है। सुप्रीम कोर्ट के विभिन्न फैसलों (टी.एम.ए. पाई फाउंडेशन, इस्लामिक एकेडमी और मॉडर्न स्कूल केस) का हवाला देते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि प्राईवेट स्कूल्स को अपने प्रबंधन और वित्तीय संचालन का पूरा अधिकार प्राप्त है।
प्रमुख मांगें
फेडरेशन ने शिक्षा विभाग के समक्ष अपनी 13 सूत्रीय मांगें रखकर उनके त्वरित निस्तारण हेतु 10 दिनों का समय दिया है। फेडरेशन द्वारा दिए गए ज्ञापन में मांग की गई है कि शाला शिक्षण संबलन व्यवस्था प्राईवेट स्कूल्स को प्रताड़ित करने और उन्हें समाप्त करने का षडयंत्र है, इसलिए इसे तुरंत वापस लिया जाए। ज्ञापन में सत्र 2018-19 से लेकर 2020-21 तक के लंबित आरटीई भुगतान की प्रक्रिया को बिना शर्त तुरंत शुरू करने की मांग की गई है।
आरटीई के तहत किसी भी कक्षा में शून्य गैर आरटीई नामांकन होने पर भुगतान नहीं करने के बैरियर को तुरंत हटाने, नो-ड्यूज सर्टिफिकेट के बिना टीसी की बाध्यता खत्म करने, प्री-प्राइमरी कक्षाओं (पीपी 3 से पीपी 5) के भुगतान की प्रक्रिया शुरू करने, दोहरे नामांकन की समस्या का त्वरित समाधान करने, आरटीई के तहत मिलने वाली यूनिट कॉस्ट में प्रतिवर्ष कम से कम 10% की वृद्धि करने का स्थायी आदेश जारी करने इत्यादि की मांग की गई है।
इसके अलावा ज्ञापन में मांग की गई है कि प्राईवेट स्कूल्स से संबंधित कोई भी नई योजना बनाने से पहले संबंधित संगठनों से विचार-विमर्श करना अनिवार्य किया जाए। बार-बार जांच और निरीक्षण के नाम पर स्कूल संचालकों को परेशान करना बंद किये जाने की मांग भी गई है।
फेडरेशन के सचिव गिरिराज खैरीवाल ने बताया कि फेडरेशन ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि आगामी 10 दिनों में इन मांगों का सकारात्मक समाधान नहीं निकाला गया, तो किसी भी आंदोलनात्मक कदम के लिए शिक्षा विभाग और राज्य सरकार स्वयं जिम्मेदार होगी।
खैरीवाल ने बताया कि अतिरिक्त निदेशक देवड़ा ने सकारात्मक रूख दिखाया तथा उपस्थित सभी संचालकों के साथ लगभग आधे घंटे की वार्ता की एवं आश्वासन दिया कि इस संबंध में गंभीरता के साथ विचार कर अपेक्षित समाधान हेतु सकारात्मक प्रयास किए जाएंगे। इस दौरान बीकानेर शहर के लगभग 60 से अधिक प्राईवेट स्कूल्स के डायरेक्टर्स एवं संचालक उपस्थित रहे।
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